कैलाश खेर का महाकाल दरबार में आशीर्वाद: जानें उनकी आध्यात्मिक यात्रा के बारे में
कैलाश खेर की उज्जैन यात्रा
उज्जैन, 5 जून। प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन में बाबा महाकाल के दरबार में जाकर शीश नवाया। उन्होंने सुबह की भस्म आरती में भी भाग लिया। महाकाल के दर्शन के बाद, उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपनी शिवभक्ति का जिक्र किया।
कैलाश खेर ने कहा कि महाकाल के प्रांगण में आना उनके जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य पूरा करने जैसा है। उन्होंने कहा कि परमात्मा अपने भक्तों को मार्गदर्शन देने के लिए उन्हें बार-बार बुलाते हैं। उन्होंने भारत की संस्कृति की महिमा का बखान करते हुए कहा, "इस पवित्र भूमि पर जन्म लेना एक बड़ा सौभाग्य है।"
उन्होंने उज्जैन के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को उजागर करते हुए इसे पूरे ब्रह्मांड और जीवन परंपराओं का जीवंत अभिलेख बताया।
कैलाश खेर ने आगे कहा, "पहले कर्क रेखा यहीं से गुजरती थी, लेकिन समय के साथ यह यूरोप के पास चली गई। भारत अपनी परंपराओं और विचारों पर अडिग है, और अब समय भारत का है।"
इससे पहले, 27 मई को कैलाश खेर ने बद्रीनाथ धाम जाकर भगवान विष्णु का आशीर्वाद लिया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी यात्रा की तस्वीरें साझा की थीं, जिसमें वह मुस्कुराते हुए नजर आ रहे थे।
कैलाश खेर ने केदारनाथ धाम में भी भगवान शिव के दर्शन किए और वहां अपने प्रसिद्ध भक्ति गीत 'बम लहरी' का प्रदर्शन किया। उन्होंने इस अनुभव का एक वीडियो भी साझा किया।
हाल ही में, कैलाश खेर अपने नए गाने 'जोगी' के लिए भी चर्चा में रहे, जो आदि शंकराचार्य को समर्पित है। उन्होंने कहा कि इस गाने में संतों और ऋषियों की आध्यात्मिक भावना को दर्शाया गया है।
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