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कुब्रा सैत ने ADHD को बताया अपनी 'सुपर पावर', जानें उनकी प्रेरणादायक कहानी

अभिनेत्री कुब्रा सैत ने हाल ही में ADHD को अपनी 'सुपर पावर' बताते हुए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने इस स्थिति को समझा और इसे अपनी ताकत में बदला। कुब्रा ने लोगों को अपने अनुभवों को साझा करने और मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने के लिए प्रेरित किया। जानें उनके विचार और इस मानसिक स्थिति के बारे में विशेषज्ञों की राय।
 
कुब्रा सैत ने ADHD को बताया अपनी 'सुपर पावर', जानें उनकी प्रेरणादायक कहानी

कुब्रा सैत का एडीएचडी पर खुलासा


मुंबई, 21 अप्रैल। आजकल मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा करना आम हो गया है, लेकिन कुछ मुद्दे ऐसे हैं जिन पर लोग खुलकर बात करने से कतराते हैं। विशेष रूप से अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) को अक्सर केवल एक समस्या के रूप में देखा जाता है। इस सोच को बदलने का प्रयास किया है अभिनेत्री कुब्रा सैत ने।


उन्होंने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए इस स्थिति को अपनी 'सुपर पावर' बताया।


वीडियो में कुब्रा कहती हैं, ''मैंने लंबे समय तक खुद को समझने की कोशिश की और इसके लिए थेरेपी का सहारा लिया। शुरुआत में मुझे अपने दिमाग को समझना कठिन लगता था, लेकिन धीरे-धीरे मुझे यह समझ में आया कि मेरा सोचने का तरीका अलग है, और यही मेरी विशेषता है।''


उन्होंने वीडियो के कैप्शन में लिखा, ''अब मुझे लगता है कि मेरा दिमाग पूरी तरह सक्रिय है और मैंने इसे बेहतर तरीके से समझा है। वर्षों की मेहनत और इलाज के बाद, मैंने अपनी आंतरिक आवाज को समझने की क्षमता प्राप्त की है। अब मैं पहले से ज्यादा खुश हूं और जीवन के प्रति मेरा दृष्टिकोण भी सकारात्मक हो गया है।''


कुब्रा ने कहा, ''शायद पहले मैं अपने स्वभाव के खिलाफ चल रही थी, लेकिन अब मैंने अपने तरीके को अपनाना सीख लिया है।''


उन्होंने अपने कैप्शन में लोगों को जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, ''मैं अकेली नहीं हूं, और दुनिया में कई लोग इसी स्थिति से गुजर रहे हैं। मैं सभी से अपील करती हूं कि वे अपनी बात खुलकर रखें और अपने अनुभवों को छुपाने के बजाय स्वीकार करें।''


कुब्रा ने बताया, ''एडीएचडी के साथ कुछ चुनौतियां होती हैं, जैसे एक जगह ध्यान टिकाना मुश्किल होना, लेकिन अगर इसे समझा जाए तो यह आपकी ताकत बन सकता है। मैंने अपनी रचनात्मकता को बढ़ाया है और अलग तरीके से सोचने की क्षमता विकसित की है, जो अब मेरे काम में भी नजर आती है।''


एडीएचडी एक मानसिक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति का ध्यान एक जगह टिक नहीं पाता। ऐसे लोग किसी एक काम पर लंबे समय तक ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते और जल्दी-जल्दी ध्यान बदलते हैं। कई लोग मजाक बनने के डर से इस पर खुलकर बात करने से बचते हैं।


विशेषज्ञों के अनुसार, एडीएचडी में दिमाग अलग तरीके से कार्य करता है। जहां एक ओर ध्यान भटकने और बेचैनी की समस्या होती है, वहीं दूसरी ओर यह दिमाग तेज, रचनात्मक और नए विचारों को सोचने वाला होता है। ऐसे लोग जल्दी बोर हो जाते हैं और कुछ नया करने की कोशिश करते रहते हैं, जो उनकी रचनात्मकता में मदद कर सकता है।


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