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कश्मीर की वादियों में संदीपा धर का आध्यात्मिक सफर: शंकराचार्य मंदिर की चढ़ाई का अनुभव

अभिनेत्री संदीपा धर ने हाल ही में कश्मीर की वादियों में अपनी आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव साझा किया। श्रीनगर पहुंचते ही उन्होंने शंकराचार्य मंदिर का रुख किया, जहां उन्हें 250 सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। इस कठिन चढ़ाई के बाद उन्हें जो अनुभव मिला, उसने उनकी सारी थकान भुला दी। जानें इस मंदिर का धार्मिक महत्व और संदीपा की यात्रा के बारे में।
 

संदीपा धर का कश्मीर यात्रा का आध्यात्मिक अनुभव




मुंबई, 13 अगस्त। अभिनेत्री संदीपा धर इन दिनों कश्मीर की खूबसूरत वादियों से अपने फैंस के लिए अद्भुत तस्वीरें साझा कर रही हैं। उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत एक आध्यात्मिक अनुभव से की, जब वह श्रीनगर पहुंचीं और सबसे पहले शंकराचार्य मंदिर का रुख किया। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए उन्हें लगभग 250 सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। हालांकि चढ़ाई कठिन थी, लेकिन जब वह ऊपर पहुंचीं, तो उन्हें जो अनुभव मिला, उसने सारी थकान भुला दी।


संदीपा ने इंस्टाग्राम पर अपनी यात्रा की झलकियां साझा करते हुए लिखा, 'श्रीनगर में आने के बाद मेरी पहली इच्छा इस मंदिर में जाने की थी। शंकराचार्य पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए मुझे लगातार सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। ऊंचाई पर चढ़ते हुए पहाड़ की ताजगी और कठिन चढ़ाई ने चुनौतियों को बढ़ा दिया। बीच रास्ते में मेरे पैर कांपने लगे थे, लेकिन मैंने हार नहीं मानी।'


उन्होंने आगे कहा, 'जब मैं मंदिर की चोटी पर पहुंची, तो ऐसा लगा जैसे मेरी मेहनत रंग लाई हो। वहां मैंने पवित्र शिवलिंग के दर्शन किए और कुछ समय प्रार्थना में बिताया। मंदिर का शांत वातावरण और चारों ओर का आध्यात्मिक माहौल बेहद खास था।'


संदीपा ने उस स्थान पर खड़े होने का अनुभव भी साझा किया, जहां कहा जाता है कि आदि शंकराचार्य ने प्राचीन काल में ध्यान किया था। उन्होंने बताया कि वहां एक अद्भुत ऊर्जा का अनुभव हुआ, जिसे शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है।


पहली बार शंकराचार्य मंदिर पहुंचने पर संदीपा ने इसे अपने लिए एक सौभाग्य बताया और अपनी पोस्ट में 'ॐ नमः शिवाय' लिखा।


शंकराचार्य मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि इसकी भव्य लोकेशन भी इसे खास बनाती है। यह कश्मीर घाटी से लगभग 1,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जहां से श्रीनगर शहर और डल झील का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है।


इस मंदिर का इतिहास भी काफी पुराना है, जिसे कश्मीर के प्राचीन मंदिरों में गिना जाता है। इसकी स्थापना लगभग 200 ईसा पूर्व के आसपास मानी जाती है। मंदिर का नाम आदि शंकराचार्य से जुड़ा हुआ है, और मान्यता है कि उन्होंने यहां ध्यान किया था। हालांकि, कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इस स्थान का उपयोग पहले बौद्ध उपासना के लिए किया जाता था और बाद में यह हिंदू धार्मिक स्थल के रूप में विकसित हुआ।


संदीपा धर जल्द ही नेटफ्लिक्स की ओरिजिनल सीरीज 'चुंबक' में नजर आएंगी।


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