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कमल हासन का देशवासियों के नाम संदेश: संकट में एकता की आवश्यकता

कमल हासन ने हाल ही में एक वीडियो संदेश में देशवासियों से संकट के समय एकजुट होने और जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने वैश्विक ऊर्जा संकट और बढ़ती तेल कीमतों के संदर्भ में बात की और नागरिकों से ईंधन की खपत कम करने का आग्रह किया। हासन ने कहा कि संकट के समय देश के प्रति जिम्मेदारी किसी भी राजनीतिक मतभेद से बड़ी होनी चाहिए। उन्होंने सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत को ऊर्जा बचाने की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है। जानें उनके विचार और सुझाव।
 
कमल हासन का देशवासियों के नाम संदेश: संकट में एकता की आवश्यकता

कमल हासन का वीडियो संदेश


चेन्नई, 22 मई। अभिनेता और राजनेता कमल हासन ने हाल ही में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊँची तेल कीमतों और वैश्विक ऊर्जा संकट पर एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया।


उन्होंने अपने 'एक्स' अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति केवल आर्थिक चुनौती नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा समय है जब पूरे देश को एकजुट होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। कमल हासन ने नागरिकों से ईंधन की खपत को कम करने और राष्ट्रीय हित को राजनीति से ऊपर रखने की अपील की।


वैश्विक संकट का प्रभाव

कमल हासन ने अपने वीडियो में बताया कि ईरान युद्ध और समुद्री व्यापार में रुकावटों का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। इसका सीधा प्रभाव भारत जैसे देशों पर भी है, जो बड़ी मात्रा में तेल और गैस का आयात करते हैं। रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल, खाद और औद्योगिक सामग्री की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।


उन्होंने कहा कि कई देशों ने पहले ही ऊर्जा बचत के नियम लागू कर दिए हैं। उदाहरण के लिए, सिंगापुर के नेता भी अपने नागरिकों को आने वाले कठिन समय के लिए तैयार रहने की सलाह दे रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने देशवासियों से अगले एक साल तक बिजली और ईंधन की बचत करने को कहा।


संकट के समय एकता की आवश्यकता

कमल हासन ने कहा, "संकट के समय देश के प्रति जिम्मेदारी किसी भी राजनीतिक मतभेद से बड़ी होनी चाहिए।" उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शब्दों का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकारें आएंगी और जाएंगी, लेकिन देश हमेशा रहना चाहिए।


उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध और 1965 के खाद्यान्न संकट का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय लोगों ने देश के लिए अपने घरों का सोना दान कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में उतने बड़े त्याग की आवश्यकता नहीं है, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों का निर्वहन करके भी लोग बड़ा योगदान दे सकते हैं।


सरकार की नीतियों की सराहना

कमल हासन ने केंद्र सरकार की कुछ नीतियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है। कोल गैसीफिकेशन, नवीकरणीय ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा में बढ़ते निवेश को भविष्य के लिए सकारात्मक कदम बताया।


उन्होंने कहा, "सिर्फ आम जनता से ही त्याग की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सभी मुख्यमंत्रियों की राष्ट्रीय बैठक बुलाने का आग्रह करता हूँ। केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले टैक्स कम करने चाहिए और सार्वजनिक परिवहन के किराए में कटौती करनी चाहिए।"


एकता से संकट का सामना

कमल हासन ने कहा कि अगर देश एकजुट होकर इस संकट का सामना करेगा, तो भारत इस कठिन दौर से और अधिक मजबूत होकर उभरेगा।


वीडियो के साथ उन्होंने लिखा, "भारत ने पहले भी एकता और सामूहिक त्याग के साथ युद्ध, कमी और दुनिया के कई संकटों पर काबू पाया है। आज फिर से उसी राष्ट्रीय भावना की आवश्यकता है।"


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