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ऋतिक रोशन ने साझा किया उदासी से निपटने का अनोखा तरीका, जानें क्या कहा!

अभिनेता ऋतिक रोशन ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने अचानक आई उदासी से निपटने के उपाय बताए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में अपनी भावनाओं को व्यक्त किया और बताया कि कैसे हम इन भावनाओं को समझने की कोशिश करते हैं। ऋतिक ने न्यूरोसाइंटिस्ट डॉ. जिल बोल्टे टेलर का जिक्र करते हुए कहा कि कोई भी भावना केवल 90 सेकंड तक रहती है। जानें उनके इस अनोखे दृष्टिकोण के बारे में!
 
ऋतिक रोशन ने साझा किया उदासी से निपटने का अनोखा तरीका, जानें क्या कहा!

ऋतिक रोशन की सोशल मीडिया पर नई पोस्ट


मुंबई, 15 जनवरी। अभिनेता ऋतिक रोशन अपने फैंस के साथ जुड़ने के लिए सोशल मीडिया पर नियमित रूप से दिलचस्प पोस्ट साझा करते हैं। हाल ही में उन्होंने एक पोस्ट में अचानक आई उदासी से निपटने के उपायों पर चर्चा की।


ऋतिक ने इंस्टाग्राम पर एक गहन और विचारशील पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने सुबह की अचानक आई उदासी और भावनाओं के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में इसे "कानूनी चेतावनी: बेमतलब की सुबह की बकवास" कहकर शुरू किया।


उन्होंने बताया कि जब अच्छा समय बीतता है, तो अचानक दुनिया की सारी नकारात्मकताएं सामने आ जाती हैं। अच्छी चीजें भी अपने नकारात्मक पहलू दिखाने लगती हैं, और दिन तेजी से बीतता जाता है। ऋतिक ने कहा कि हम इन भावनाओं को समझने की कोशिश करते हैं, लेकिन फिर भी इस बेतुकी उदासी से बाहर नहीं निकल पाते।


ऋतिक ने आगे कहा कि वह अपनी भावनाओं को शब्दों में व्यक्त कर रहे हैं और बड़े शब्दों से उदासी को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चिंता जताई कि आजकल बेमतलब चीजों को इस तरह पेश किया जाता है कि वे जरूरी और तार्किक लगने लगती हैं। इसके बाद उन्होंने न्यूरोसाइंटिस्ट डॉ. जिल बोल्टे टेलर का जिक्र किया, जिन्होंने कहा कि कोई भी भावना अपने शुद्ध रूप में केवल 90 सेकंड तक रहती है।


उन्होंने लिखा, "इसमें मुझे 45 सेकंड लगे, 45 बाकी हैं।" अंत में, उन्होंने उन लोगों को मेंशन किया जो इस अजीब पोस्ट को नहीं समझ पाएंगे और कहा, "मेरे दोस्तों, आप सच में जिंदगी वैसे जी रहे हैं जैसे इसे जीना चाहिए।"


ऋतिक रोशन अक्सर अपनी व्यक्तिगत यात्रा, फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करते हैं।


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