आशा भोसले के नाम पर बनेगा एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल
प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले का निधन हो गया है, और उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने लता मंगेशकर के साथ मिलकर एशिया के सबसे बड़े अस्पताल की स्थापना की योजना बनाई है। यह अस्पताल पुणे में बनेगा और इसका उद्घाटन 16 अप्रैल को होगा। जानें इस अस्पताल के पीछे की प्रेरणा और इसके महत्व के बारे में।
Tue, 14 Apr 2026
आशा भोसले का निधन और अस्पताल की स्थापना
प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले ने 92 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। चार साल पहले उनकी बहन, सुर कोकिला लता मंगेशकर, भी हमें छोड़ गई थीं। दोनों बहनों का संगीत क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लता मंगेशकर और आशा भोसले के भाई, हृदयनाथ मंगेशकर, ने अपनी बहनों की याद में एक अस्पताल बनाने की घोषणा की है। यह अस्पताल पुणे में स्थापित होगा और इसे एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल माना जाएगा।
'मां और बड़ी बहन लता मंगेशकर का सपना'
हृदयनाथ मंगेशकर ने साझा किया कि उनकी मां और बड़ी बहन लता मंगेशकर ने गरीबों की सेवा के लिए अस्पताल बनाने का सपना देखा था। उन्होंने बताया कि लगभग 25 साल पहले परिवार और चिकित्सकों ने इस अस्पताल की स्थापना के लिए प्रयास किए थे, लेकिन तब यह सपना पूरा नहीं हो सका। हृदयनाथ ने कहा कि बाद में परिवार ने निर्णय लिया कि लता मंगेशकर के नाम पर इस अस्पताल का निर्माण किया जाएगा और इसकी तैयारी शुरू कर दी गई थी।
हॉस्पिटल का उद्घाटन 16 अप्रैल को
हृदयनाथ मंगेशकर ने एक समाचार चैनल से बातचीत में बताया कि उनकी कोशिश है कि यह अस्पताल एशिया का सबसे बड़ा बने। उन्होंने कहा, 'करीब 25 साल पहले यह निर्णय लिया गया था। दीदी (लता मंगेशकर) के निधन के बाद हमें लगा कि उनकी सोच को ध्यान में रखते हुए यह अस्पताल बनाना चाहिए। यह तय हुआ था कि इसका नाम उनके नाम पर रखा जाएगा और हम उसी दिशा में आगे बढ़ने की योजना बना रहे थे। इसका उद्घाटन 16 तारीख को निर्धारित था। इसी दौरान आशा दीदी का भी निधन हो गया। अब यह निर्णय लिया गया है कि अस्पताल का नाम लता मंगेशकर और आशा भोसले दोनों के सम्मान में रखा जाएगा।
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