आशा भोसले का निधन: बॉलीवुड ने खोया एक अनमोल सितारा
सुरों की मल्लिका का अंतिम विदाई
मुंबई, 12 अप्रैल। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की प्रसिद्ध गायिका और 'सुरों की मल्लिका' के नाम से जानी जाने वाली आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं।
उनका पार्थिव शरीर सोमवार को दोपहर 3 बजे तक अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, और शाम 4 बजे शिवाजी पार्क, द ग्राउंड में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। गायिका के निधन की खबर सुनते ही कई अभिनेता और राजनेता शोक व्यक्त कर रहे हैं। आमिर खान, अमीषा पटेल और संगीतकार ललित पंडित ने उनके साथ बिताए क्षणों को याद किया।
आमिर खान ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मैं उनकी कला का बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं। यह एक दुखद क्षण है और एक बड़ी हानि है। लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार और आशा भोसले जैसे महान गायकों का जाना एक युग का अंत है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। हम उनके लिए प्रार्थना करते हैं।"
अमीषा पटेल ने कहा कि उनका निधन पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा नुकसान है, क्योंकि उनके प्रशंसक केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी हैं। उन्होंने कहा, "आशा जी के साथ मेरा रिश्ता बहुत खास था, क्योंकि उन्होंने मेरी पहली फिल्म 'कहो ना प्यार है' के गाने 'जानेमन-जानेमन' को गाया था। यह मेरे लिए उनकी मीठी यादों में से एक है।"
उन्होंने यह भी कहा कि आशा भोसले 90 साल की उम्र में भी गा सकती थीं, क्योंकि उनमें अपार ऊर्जा थी और हमेशा एक सकारात्मक मुस्कान रहती थी।
संगीतकार ललित पंडित ने कहा, "यह हम सभी के लिए दुखद है कि हमने आशा जी को खो दिया है, लेकिन हमें उनके द्वारा हिंदी सिनेमा को दिए गए गानों का जश्न मनाना चाहिए। उनके सहाबहार गीत हमेशा हमारे साथ रहेंगे।"
उन्होंने स्टूडियो में रिकॉर्डिंग के अनुभवों को साझा करते हुए कहा, "आशा जी हमेशा खुश रहने वाली थीं और उनके चेहरे पर मुस्कान रहती थी। वे पहले गाने की रिहर्सल करती थीं और रिकॉर्डिंग के बाद हम सब मिलकर बातें करते थे। उनके साथ बिताया हर पल यादगार होता था।"
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