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सोना मोहपात्रा ने उठाया भेदभाव का मुद्दा: क्या हम खुद में ही भेदभाव कर रहे हैं?

प्रसिद्ध गायिका सोना मोहपात्रा ने हाल ही में एक वीडियो के माध्यम से भेदभाव और नस्लवाद के मुद्दे पर अपनी राय साझा की। उन्होंने भारतीयों के बीच भेदभाव की गंभीरता को उजागर किया और सवाल उठाया कि क्या हम अपने देश में भी दूसरों के प्रति भेदभाव कर रहे हैं। सोना ने अमेरिका में भारतीयों के साथ हो रहे भेदभाव का जिक्र करते हुए कहा कि हमें अपने भीतर झांकने की जरूरत है। जानें उनके विचार और भारत में भेदभाव की स्थिति पर उनकी राय।
 
सोना मोहपात्रा ने उठाया भेदभाव का मुद्दा: क्या हम खुद में ही भेदभाव कर रहे हैं?

सोना मोहपात्रा का वीडियो संदेश

मुंबई, 10 जून। प्रसिद्ध गायिका सोना मोहपात्रा ने हाल ही में सामाजिक भेदभाव और नस्लवाद के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाई। उन्होंने बुधवार को एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने भारत के विभिन्न राज्यों के लोगों के बीच भेदभाव के गंभीर पहलुओं पर चर्चा की। गायिका ने उन लोगों पर सवाल उठाए जो भारत में रहते हुए भी अन्य राज्यों के नागरिकों को बाहरी मानते हैं और उनके साथ भेदभाव करते हैं।

वीडियो में सोना ने अमेरिका में भारतीयों के प्रति हो रहे भेदभाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "मेरे इंस्टाग्राम पर ऐसे वीडियो आ रहे हैं, जिनमें भारतीयों को 'अपने देश वापस जाओ' कहा जा रहा है। यह नस्लभेदी मजाक और प्रवासियों के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां बहुत ही चिंताजनक हैं। हमें इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।"

गायिका ने भारतीयों को आत्म-विश्लेषण करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "हमें यह देखना चाहिए कि क्या हम अपने देश में भी दूसरों के प्रति भेदभाव नहीं कर रहे हैं। क्या हम सच में दूसरों से अलग हैं?"

सोना ने भारत में भेदभाव के उदाहरण देते हुए कहा, "कई लोगों ने नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को 'चिंकी' कहा है। प्रवासी मजदूरों को भी भेदभाव का सामना करना पड़ता है। नॉर्थ-ईस्ट की महिलाएं अपने देश में असुरक्षित महसूस करती हैं।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत एक स्वागत करने वाला देश है, लेकिन यहां भेदभाव भी मौजूद है। आजकल उत्तर बनाम दक्षिण, राज्य बनाम राज्य और भाषा बनाम भाषा की लड़ाई चल रही है।

अपनी बात को समाप्त करते हुए सोना ने कहा, "भेदभाव के लिए किसी दूसरी राष्ट्रीयता की आवश्यकता नहीं होती। कभी-कभी आपका नाम, लहजा या चेहरा ही काफी होता है। अगर अमेरिका में भारतीयों के साथ भेदभाव गलत है, तो हमें अपने देश में भी ऐसा नहीं करना चाहिए। असली सवाल यह है कि हम एक-दूसरे को कितना अपनाते हैं।"

--समाचार स्रोत

एनएस/वीसी


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