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रवि किशन का संघर्ष: 90 के दशक में मजाक उड़ाने वालों को दिया जवाब!

रवि किशन ने अपने जीवन के संघर्षों और 90 के दशक में मजाक उड़ाने वालों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अपने करियर में कई साल बिताए और आखिरकार 34 साल बाद सफलता हासिल की। उनकी प्रेरणादायक कहानी ने रियलिटी शो 'अलायंस' में अन्य प्रतियोगियों को भी प्रेरित किया। जानें उनके सफर के बारे में और कैसे उन्होंने भोजपुरी सिनेमा में अपनी पहचान बनाई।
 

रवि किशन का सफर और संघर्ष




मुंबई, 29 जून। अभिनेता और राजनेता रवि किशन ने अपने जीवन के कठिन दौर और संघर्षों को याद करते हुए बताया कि 90 के दशक में जो सितारे उभर रहे थे, वे अक्सर उनका मजाक उड़ाते थे और उन्हें नजरअंदाज करते थे।


रवि ने रियलिटी शो 'अलायंस' में अपने साथी प्रतियोगियों से बातचीत करते हुए अपने लंबे सफर के बारे में साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने पहचान पाने से पहले कई साल बिताए।


उन्होंने कहा, "मैंने ऐसे कई लोगों का सामना किया जो पहले मेरा मजाक उड़ाते थे। वे उस समय स्टार बन रहे थे, जबकि मैं उन्हें आगे बढ़ते हुए देख रहा था।"


रवि ने बताया कि उन्होंने खुद को इंडस्ट्री के लिए तैयार करने में कई साल लगाए और हर वह कौशल सीखा जो एक अभिनेता में होना चाहिए।


उन्होंने कहा, "मेरी आवाज अच्छी थी, मुझे घुड़सवारी, एक्शन, उर्दू और हिंदी आती थी। मैंने थिएटर और डांस भी सीखा। मैं पूरी तरह से तैयार था, फिर भी मैं पीछे रह गया। मैं खुद से कहता था कि अगर उनका समय आया है, तो मेरा भी आएगा। लेकिन मुझे नहीं पता था कि मेरा समय 34 साल बाद आएगा।"


रवि किशन ने कहा कि उनकी किस्मत तब बदली जब उनकी परफॉर्मेंस को जबरदस्त सफलता और सराहना मिली। उन्होंने कहा, "फिर जो हुआ, वो 34 साल बाद हुआ। उस साल मैंने 'बेस्ट एक्टर' के सभी पुरस्कार जीते। मैं उन मंचों पर खड़ा हुआ जहां मुझे पहले कभी नहीं बुलाया गया था। लोग मुझे कभी नहीं बुलाते थे और सब मेरा मजाक उड़ाते थे। किसी को विश्वास नहीं था कि मैं कुछ कर सकता हूं, लेकिन आज मैं यहां हूं।"


रवि किशन की मेहनत और दृढ़ संकल्प की कहानी सुनकर प्रतियोगी प्रेरित हुए और उनके रोंगटे खड़े हो गए।


रवि किशन ने अपने करियर की शुरुआत 90 के दशक की शुरुआत में 'पीतांबर', 'आतंक', 'आर्मी' और 'जख्मी दिल' जैसी हिंदी फिल्मों से की। हालांकि, भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री ने उन्हें सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक बना दिया।


उन्होंने 'सैयां हमार', 'पंडित जी बताई ना बियाह कब होई' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया और भोजपुरी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक बन गए। हाल के वर्षों में, रवि ने हिंदी सिनेमा और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर शानदार प्रदर्शन देकर खुद को एक नए रूप में प्रस्तुत किया है।


उनकी फिल्म 'लापता लेडीज' में भूमिका को आलोचकों और दर्शकों दोनों से सराहना मिली और उन्होंने कई पुरस्कार जीते।


इसके अलावा, 'खाकी: द बिहार चैप्टर' जैसी वेब सीरीज में उनके काम ने उनकी अभिनय क्षमता को और भी बेहतर तरीके से प्रदर्शित किया।


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