बेनी दयाल की प्रेरणादायक यात्रा: कैसे एआर रहमान ने बदली उनकी किस्मत?
बेनी दयाल की अद्भुत आवाज़ का सफर
मुंबई, 12 मई। बेनी दयाल की आवाज़ सुनकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता है। उनकी आवाज़ में एक खास जादू है जो लोगों को थिरकने पर मजबूर कर देती है। हालांकि, उनके करियर की शुरुआत इतनी आसान नहीं थी। एक समय ऐसा भी आया जब एक म्यूजिक डायरेक्टर ने उन्हें कहा था कि उनकी आवाज़ गायक बनने के लिए उपयुक्त नहीं है। लेकिन एआर रहमान ने उनकी किस्मत को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बेनी दयाल का जन्म 13 मई 1984 को अबू धाबी में हुआ। उनका बचपन नृत्य के प्रति समर्पित रहा, जहां उन्होंने भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम की शिक्षा ली। कर्नाटक संगीत भी सीखा, लेकिन उनका सपना गायक बनने का नहीं था। स्कूल के दिनों में वे डांस प्रतियोगिताओं में भाग लेते थे और जीतते थे।
एक दिन जब किसी ने उन्हें गाते सुना, तो उन्होंने कहा कि वे डांस से भी बेहतर गाते हैं। इस प्रशंसा ने उन्हें सोचने पर मजबूर किया। फिर एक दिन, 'दिल से' फिल्म का गाना सुनकर उन्होंने संगीत को अपने भविष्य के रूप में चुनने का निर्णय लिया।
स्कूल खत्म होने के बाद, बेनी चेन्नई जाना चाहते थे, लेकिन उनके पिता ने उन्हें पुणे में पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। दो महीने तक पिता-पुत्र के बीच चुप्पी रही, लेकिन अंततः यह तय हुआ कि पहले पढ़ाई पूरी करेंगे। कॉलेज में बेनी ने एक बैंड बनाया और विभिन्न प्रकार के गाने गाए। लेकिन पेशेवर करियर की राह में कई बाधाएं आईं। उन्होंने कई जगहों पर जाकर कोरस में गाने की कोशिश की, लेकिन हर बार नकारात्मक जवाब मिला। एक म्यूजिक डायरेक्टर ने तो साफ कहा कि उनकी आवाज़ गायक बनने के लिए उपयुक्त नहीं है। आर्थिक समस्याओं और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते बेनी टूट चुके थे और उन्होंने एक बीपीओ में एचआर की नौकरी कर ली।
लेकिन किस्मत ने कुछ और ही सोचा था। नौकरी के पहले दिन ही बेनी को एआर रहमान का फोन आया। रहमान ने उनके धार्मिक गीत को सुना और उनकी आवाज़ को पसंद किया। 2008 में, तमिल फिल्म 'सक्काराकट्टी' के लिए 'चिन्नम्मा, चिलकम्मा' गाना बेनी को मिला, जो उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ। एआर रहमान ने न केवल उन्हें दक्षिण भारतीय सिनेमा में स्थापित किया, बल्कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में भी लाया। फिल्म 'गजनी' का गाना 'कैसे मुझे तुम मिल गई' ने उन्हें पहचान दिलाई।
बेनी दयाल ने तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, हिंदी, बांग्ला, गुजराती और मराठी जैसी कई भाषाओं में गाने गाए हैं। वे फ्रेंच और अरबी में भी गा सकते हैं। हिमेश रेशमिया, प्रीतम, सलीम-सुलेमान, और अमित त्रिवेदी जैसे संगीतकारों के साथ काम करने वाले बेनी कहते हैं कि हर रिकॉर्डिंग से पहले उन्हें लगता है कि शायद उनकी आवाज़ इस गाने के लिए उपयुक्त नहीं है। वे संगीत को दिल से गाते हैं और नफरत नहीं रखते।
2016 में, बेनी दयाल ने मॉडल कैथरीन थंगम से शादी की। वे स्वतंत्र गाने भी बनाते हैं और देश-विदेश में लाइव परफॉर्मेंस करते हैं।
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