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फिल्म निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री का स्वस्थ जीवनशैली का राज़: जानें कैसे रखते हैं खुद को फिट!

फिल्म निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री ने अपनी फिटनेस के लिए अपनाई गई जीवनशैली के बारे में बताया है। उन्होंने 'सात्विक जीवन' के सिद्धांतों को साझा किया, जिसमें पौधों पर आधारित आहार और न्यूनतम जीवनशैली शामिल है। विवेक का मानना है कि मानसिक नियंत्रण और सही आहार से स्वास्थ्य को बनाए रखना संभव है। जानें उनके फिट रहने के उपाय और जीवन के प्रति उनका दृष्टिकोण।
 
फिल्म निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री का स्वस्थ जीवनशैली का राज़: जानें कैसे रखते हैं खुद को फिट!

विवेक रंजन अग्निहोत्री की फिटनेस यात्रा


मुंबई, 5 फरवरी। आजकल की व्यस्त दिनचर्या में खुद को स्वस्थ बनाए रखना एक कठिन कार्य बन गया है। इस संदर्भ में, फिल्म निर्माता और निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने साझा किया कि वह अपनी फिटनेस को बनाए रखने के लिए क्या उपाय करते हैं।


एक विशेष बातचीत में, उन्होंने बताया कि वह एक न्यूनतम जीवनशैली अपनाते हैं, जिसे वह वैज्ञानिक दृष्टिकोण से 'सात्विक जीवन' कहते हैं। उनका कहना है कि सात्विक का अर्थ केवल पूजा या शाकाहारी भोजन से नहीं है, बल्कि यह शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) की अनुपस्थिति से संबंधित है।


विवेक ने स्पष्ट किया, "सात्विक आहार और जीवनशैली वह होती है जो आपके शरीर के लिए सबसे उपयुक्त हो। यदि आप मसालेदार या तैलीय भोजन का सेवन करते हैं, तो इससे शरीर में तनाव और सूजन बढ़ती है। इसलिए, मैं साधारण और प्राकृतिक चीजों को प्राथमिकता देता हूं।"


उन्होंने बताया कि सात्विक का असली अर्थ वैज्ञानिक है। वह पूरी तरह से पौधों पर आधारित आहार का पालन करते हैं, जिसमें फल, सब्जियां, अनाज और दालें शामिल हैं। विवेक ने कहा, "इस पर विश्व के शीर्ष चिकित्सकों और नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने शोध किया है। 40 वर्षों की पीयर-रिव्यूड अध्ययन यह दर्शाती हैं कि पौधों पर आधारित आहार सबसे स्वास्थ्यवर्धक है। मैं इसे यथासंभव अपनाने की कोशिश करता हूं।"


विवेक ने पतंजलि योग के वास्तविक अर्थ को भी समझाया, "पतंजलि योग में आसन का मतलब सबसे आरामदायक स्थिति में होना है। हमें जीवन में भी वही स्थिति चुननी चाहिए जो हमारे लिए सबसे आरामदायक हो। मैं केवल दो सिद्धांतों का पालन करता हूं: सात्विक जीवन और आरामदायक होना। इससे मेरी आवश्यकताएं बहुत कम हो गई हैं।"


एक और महत्वपूर्ण बात है इंटरमिटेंट फास्टिंग। विवेक ने कहा, "यह मेरे परिवार की पुरानी परंपरा है, जिसमें रात को जल्दी खाना और सुबह देर तक कुछ नहीं खाना शामिल है। इससे शरीर को 12-16 घंटे का विश्राम मिलता है। मैं इसे स्वाभाविक रूप से करता हूं, इसलिए नाश्ता नहीं करता।"


इसके अलावा, उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए मानसिक नियंत्रण आवश्यक है। विवेक ने अपने न्यूनतम विचार को स्पष्ट करते हुए कहा, "मैं अब केवल आवश्यक चीजें खरीदता हूं, अलमारी भरने के लिए नहीं। मेरी एकमात्र कमजोरी किताबें हैं। मेरे पास बहुत सारी किताबें हैं, जिन्हें लोग भेजते हैं और मैं खुद भी खरीदता हूं। लेकिन अब मैं इन्हें बांट रहा हूं। मैंने बच्चों की कई किताबें बांटी हैं। यदि किसी को किताबें चाहिए, तो मुझे लिख सकते हैं, मैं देने के लिए तैयार हूं।"


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