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पवनदीप राजन ने अपने भयानक एक्सीडेंट के बारे में साझा की जानकारी

पवनदीप राजन, इंडियन आइडल सीजन 12 के विजेता, ने हाल ही में एक गंभीर एक्सीडेंट का सामना किया। इस हादसे में उन्हें कई चोटें आईं, जिसके बाद उन्होंने अपनी रिकवरी की प्रक्रिया के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने इस कठिन समय को पार किया और सकारात्मकता बनाए रखी। जानें उनके अनुभव और संघर्ष के बारे में।
 
पवनदीप राजन ने अपने भयानक एक्सीडेंट के बारे में साझा की जानकारी

पवनदीप राजन का दर्दनाक अनुभव

Pawandeep Rajan: कुछ समय पहले, इंडियन आइडल सीजन 12 के विजेता पवनदीप राजन एक गंभीर दुर्घटना का शिकार हुए थे। इस घटना में उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर, दाहिने हाथ में चोट और सिर में भी गंभीर चोट आई थी, जिसके चलते उन्हें कई सर्जरी से गुजरना पड़ा। हाल ही में, पवनदीप ने इस हादसे के बारे में खुलकर बात की है। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा।


पवनदीप हाल ही में सलीम-सुलेमान के पॉडकास्ट में शामिल हुए, जहां उन्होंने अपने हादसे के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में कोई उनकी मदद नहीं कर रहा था, लेकिन बाद में पुलिस मौके पर पहुंची। उस समय उनकी कार में आग लग गई थी और वे कार के अंदर ही फंसे हुए थे।



पवनदीप ने आगे बताया कि एक व्यक्ति ने उन्हें कार से बाहर निकाला। उन्हें नहीं पता कि वे कितनी देर तक अंदर रहे, लेकिन जब उनकी आंख खुली, तो वे कार के बाहर थे और फिर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। उनके दोनों पैर और एक हाथ टूट गए थे। उन्होंने अपने परिवार को फोन किया और कहा कि वे जल्दी आएं, क्योंकि उन्हें जल्द से जल्द इलाज की आवश्यकता थी। अब वे ठीक हैं।


पवनदीप की रिकवरी की प्रक्रिया

खुद की रिकवरी पर बोले पवनदीप


पवनदीप ने अपनी रिकवरी के बारे में बात करते हुए कहा कि पहले महीने में वे एक जगह से दूसरी जगह हिल भी नहीं पा रहे थे, लेकिन अब वे थोड़ी-बहुत चलने में सक्षम हैं, जिससे उन्हें खुशी मिलती है। इस अनुभव ने उन्हें चलने-फिरने की असली कीमत का एहसास कराया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को स्वीकार करना और आगे बढ़ना जरूरी है, साथ ही सकारात्मक रहना भी आवश्यक है।


उन्होंने बताया कि वे धीरे-धीरे चलना शुरू कर चुके हैं और उम्मीद करते हैं कि आने वाले महीनों में उनकी गति में सुधार होगा। इस हादसे के बाद, वे बिस्तर पर लंबे समय तक रहे और जब वे अपने घायल पैर के साथ मुंबई गए, तो उन्हें एक महीने तक बिना हिले-डुले रहना पड़ा। अब वे चलने लगे हैं और गिटार भी बजाने लगे हैं। उनके हाथ में थोड़ी ताकत आ गई है, लेकिन उसे और आराम की आवश्यकता है।


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