पंकज भदौरिया की कैंसर से जंग: कैसे बदली उनकी जिंदगी और क्या है उनका नया मकसद?
पंकज भदौरिया की प्रेरणादायक कहानी
मुंबई, 19 अगस्त। 'मास्टरशेफ इंडिया' की पहली विजेता और प्रसिद्ध शेफ पंकज भदौरिया इस समय एक कठिन दौर से गुजर रही हैं। हाल ही में उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर का सामना करना पड़ रहा है। इस खबर के बाद उनके प्रशंसकों ने उनके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की। अब पंकज ने सोशल मीडिया पर एक नई पोस्ट साझा की है, जिसमें उन्होंने अपनी सेहत और इस यात्रा के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने महिलाओं से नियमित चेकअप कराने की अपील भी की।
पंकज ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा की है, जिसमें लिखा है, 'कैंसर ने मेरे शरीर की परीक्षा ली, लेकिन यह मेरी हिम्मत को नहीं तोड़ सका। अब मैं एक उद्देश्य के साथ जीती हूं।'
तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, 'कैंसर मेरी कहानी का एक अध्याय बन गया है, लेकिन यह मेरी पूरी कहानी नहीं है। इस यात्रा ने मेरे शरीर को परखा, लेकिन मुझे मजबूत भी बनाया और जीवन का एक नया उद्देश्य दिया।'
पंकज ने आगे कहा, 'जैसे-जैसे मैं ठीक हो रही हूं, मैं हर दिन को अधिक आभार, हिम्मत और खुशी के साथ जीना चाहती हूं।'
अपनी पोस्ट में, पंकज ने महिलाओं से विशेष अपील की कि वे नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जांच कराती रहें। बीमारी का समय पर पता लगाना बहुत महत्वपूर्ण है।
कुछ समय पहले, पंकज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और अस्पताल की तस्वीर साझा की थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि उन्हें ब्रेस्ट कैंसर है। इस कठिन समय में उन्हें लोगों के प्यार और प्रार्थनाओं की आवश्यकता है।
पंकज भदौरिया ने लखनऊ के एक स्कूल में लगभग 16 वर्षों तक अंग्रेजी पढ़ाई। पढ़ाई उनका पेशा था, लेकिन खाना बनाना उनका जुनून था। 2010 में जब 'मास्टरशेफ इंडिया' का पहला सीजन शुरू हुआ, तो उन्होंने इसमें भाग लेने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्हें अपनी नौकरी छोड़नी पड़ी।
यह निर्णय उनके लिए आसान नहीं था। कई लोगों ने उन्हें सलाह दी कि एक टीवी शो के लिए इतनी पुरानी नौकरी छोड़ना सही नहीं है। लेकिन पंकज ने अपने सपने पर विश्वास किया और मुंबई पहुंच गईं। वहां उन्होंने 'मास्टरशेफ इंडिया' के पहले सीजन में भाग लिया और अंततः ट्रॉफी जीत ली।
इस जीत के साथ, पंकज देश की पहली 'मास्टरशेफ इंडिया' विजेता बनीं। इसके बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। उन्होंने कई कुकिंग शो किए और अपनी पहचान बनाई। 'पंकज का जायका', 'किफायती किचन', '3 कोर्स विद पंकज' और 'रसोई से पंकज भदौरिया के साथ' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से वह घर-घर पहुंचीं। उन्होंने कुकिंग से संबंधित किताबें भी लिखीं और नए लोगों को खाना बनाने की ट्रेनिंग देने के लिए अपना कुकिंग इंस्टीट्यूट भी खोला।
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