नीतू कपूर का अनोखा नजरिया: मानसिक स्वास्थ्य के लिए थेरेपी से ज्यादा जरूरी हैं दोस्त!
नीतू कपूर की मानसिक स्वास्थ्य पर अनोखी सोच
मुंबई, 9 मई। आजकल कई लोग मानसिक स्वास्थ्य के लिए थेरेपी और काउंसलिंग का सहारा लेते हैं, लेकिन बॉलीवुड की अभिनेत्री नीतू कपूर का दृष्टिकोण इस मामले में कुछ अलग है। उन्होंने साझा किया कि वह व्यक्तिगत रूप से थेरेपी पर ज्यादा विश्वास नहीं करतीं। उनका मानना है कि इंसान को ऐसे करीबी दोस्तों और परिवार की आवश्यकता होती है, जिनसे वह अपनी भावनाएं साझा कर सके।
नीतू कपूर हाल ही में अभिनेत्री सोहा अली खान के पॉडकास्ट 'ऑल अबाउट हर' में शामिल हुईं, जहां उन्होंने अपने जीवन के कठिन समय के बारे में चर्चा की। उन्होंने पति ऋषि कपूर के निधन के बाद के अनुभवों को याद करते हुए कहा, ''वह समय मेरे लिए बेहद चुनौतीपूर्ण था और उस दौरान कई लोगों ने मुझे थेरेपिस्ट से मिलने की सलाह दी। मैंने उनकी बात मानकर एक थेरेपिस्ट से बात की, लेकिन मुझे यह तरीका सही नहीं लगा।''
उन्होंने आगे कहा, ''मुझे लगता है कि अच्छे दोस्त किसी भी थेरेपी से अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। हर व्यक्ति के पास ऐसे चार-पांच करीबी दोस्त होने चाहिए, जिनसे वह बिना किसी डर के अपनी बातें साझा कर सके। जब हम अपने दर्द को भरोसेमंद लोगों के साथ बांटते हैं, तो मन हल्का हो जाता है। कभी-कभी, अपने लोगों का साथ सबसे बड़ी दवा बन जाता है।''
नीतू ने कहा, ''ऋषि कपूर के निधन के बाद मैं पूरी तरह से टूट गई थी। उस समय मैं बहुत दुखी और अकेली महसूस कर रही थी। जब मैं थेरेपिस्ट के पास जाती थी, तो खुद से सवाल करती थी कि मैं वहां क्यों हूं। जब तक कोई व्यक्ति खुद को अंदर से मजबूत बनाने का निर्णय नहीं लेता, तब तक कोई भी उसे पूरी तरह से संभाल नहीं सकता। थेरेपी में मुझे मेडिटेशन, गिनती करने और अन्य तकनीकों की सलाह दी गई, लेकिन मुझे यह सब अपने लिए सही नहीं लगा।''
उन्होंने कहा, ''हर व्यक्ति का दुख से उबरने का तरीका अलग होता है। कुछ लोगों को थेरेपी से मदद मिलती है, जो अच्छी बात है, लेकिन मेरे लिए दोस्तों, परिवार और काम ने सबसे बड़ा सहारा दिया। काम में व्यस्त रहने से मुझे मानसिक रूप से मजबूत बनने में मदद मिली। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से भी मुझे धीरे-धीरे दुख से बाहर निकलने की ताकत मिली।''
ऋषि कपूर का निधन अप्रैल 2020 में कैंसर के कारण हुआ था।
.png)