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जावेद अख्तर ने साझा किया प्रासंगिक बने रहने का राज़, क्या है उनका मंत्र?

जावेद अख्तर ने हाल ही में एक कार्यक्रम में बताया कि कैसे बदलती पीढ़ियों के साथ खुद को प्रासंगिक बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि नई चीजें सीखने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए। इस चर्चा में आमिर खान ने भी भाग लिया। जानें जावेद का क्या कहना है और बोमन ईरानी ने इस पर क्या टिप्पणी की।
 
जावेद अख्तर ने साझा किया प्रासंगिक बने रहने का राज़, क्या है उनका मंत्र?

जावेद अख्तर का सीखने का संदेश


मुंबई, 2 मई। प्रसिद्ध गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने बताया कि कैसे बदलती पीढ़ियों के साथ खुद को प्रासंगिक बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है नई चीजें सीखने के लिए हमेशा तत्पर रहना।


बोमन ईरानी द्वारा स्थापित राइटिंग प्लेटफॉर्म ‘स्पाइरल बाउंड’ के एक इवेंट में जावेद ने यह विचार साझा किया। इस दौरान अभिनेता आमिर खान ने उनसे पूछा कि उन्होंने विभिन्न पीढ़ियों के साथ काम किया है, फिर भी हर समय प्रासंगिक कैसे बने रहते हैं?


जावेद अख्तर ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, “जब मैंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा, तब मेरे चारों ओर सीनियर्स थे। अब मैं अपने पोते-पोतियों की उम्र के युवाओं के साथ काम कर रहा हूं।”


उन्होंने आगे कहा, “यह दुनिया युवा पीढ़ी की है। अगर आप सोचते हैं कि आपको सब कुछ पता है, तो आप पीछे रह जाएंगे। हमें यह समझना चाहिए कि यह उनकी दुनिया है और हमें उनका सम्मान करना चाहिए और उनसे सीखना चाहिए।”


जावेद का मानना है कि हर पीढ़ी के पास कुछ नया और अनोखा होता है। उन्होंने कहा, “हमारे पास कुछ जानकारी है जो उन्हें नहीं है, और उनके पास भी बहुत कुछ है जो हमें नहीं पता। अगर हम एक-दूसरे से सीखने के लिए तैयार रहेंगे, तो हम हर दौर में प्रासंगिक बने रहेंगे।”


सोशल मीडिया पर इस चर्चा का एक वीडियो साझा करते हुए बोमन ईरानी ने लिखा, “जब आप ऐसे लोगों के साथ होते हैं जिन्होंने दशकों के बदलाव देखे हैं, तो आप और ध्यान से सुनते हैं। जावेद अख्तर साहब के साथ हमने प्रासंगिक बने रहने पर चर्चा की, और इसका उत्तर बेहद सरल था- हमेशा सीखने के लिए तैयार रहें, सीखते रहें और बदलाव से न डरें।”


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