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जावेद अख्तर का 81वां जन्मदिन: संघर्ष और सफलता की कहानी

जावेद अख्तर, एक प्रसिद्ध कवि और गीतकार, आज 81 वर्ष के हो गए हैं। उनके जीवन की कहानी संघर्ष और सफलता से भरी हुई है। जानें कैसे उन्होंने अपने सपनों को पूरा किया और बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई। इस लेख में उनके जन्म, पारिवारिक पृष्ठभूमि, मुंबई में संघर्ष और सलीम-जावेद की जोड़ी के बारे में जानकारी दी गई है।
 
जावेद अख्तर का 81वां जन्मदिन: संघर्ष और सफलता की कहानी

जावेद अख्तर का जन्मदिन

प्रसिद्ध कवि, गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर आज, 17 जनवरी को, अपने 81वें जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं। उनकी शायरी और लेखनी ने हर पीढ़ी के लोगों के दिलों को छुआ है। उन्होंने दर्द, प्रेम, अकेलेपन और जीवन की सच्चाइयों को सरल और सच्चे शब्दों में व्यक्त किया है। जावेद साहब ने बॉलीवुड के लिए कई यादगार गाने लिखे हैं। हालांकि, इस इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर जावेद अख्तर के जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प जानकारियों पर नजर डालते हैं...


जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि

जावेद अख्तर का जन्म 17 जनवरी 1945 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ। उनके जन्म के समय परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। उनके पिता, जान निसार अख्तर, उस समय के प्रसिद्ध उर्दू शायर थे, लेकिन साहित्यिक पहचान के बावजूद उनकी आमदनी सीमित थी।


सपनों की तलाश में मुंबई

जावेद अख्तर ने मात्र 19 वर्ष की आयु में एक ही सपने के साथ मुंबई का रुख किया था - वह फिल्म निर्माता गुरु दत्त के सहायक बनना चाहते थे। लेकिन दुर्भाग्यवश, जावेद के मुंबई पहुंचने के एक सप्ताह बाद ही गुरु दत्त का निधन हो गया, जिससे उनका सपना चुराया गया। इसके बाद, उन्होंने मुंबई में जीवन यापन के लिए नौकरी की तलाश शुरू की और उन्हें फिल्म निर्माता कमाल अमरोही के साथ काम करने का अवसर मिला। कमाल अमरोही, जो एक्ट्रेस मीना कुमारी के पति थे, 'महल' और 'पाकीज़ा' जैसी फिल्मों के निर्देशक थे।


सलीम-जावेद की सफल जोड़ी

1969 में जावेद अख्तर को पहला सफल ब्रेक मिला, जिसके बाद उनके करियर में बदलाव आया। उनका असली नाम 'जादू' था। जावेद और सलीम खान की जोड़ी को दर्शकों ने बहुत पसंद किया। उन्होंने लगभग 24 फिल्मों के संवाद लिखे। हालांकि, कुछ मतभेदों के कारण उनकी जोड़ी अलग हो गई। इसके बाद, जावेद साहब ने गीतकार के रूप में अपने करियर को आगे बढ़ाया और 'वेक अप सिड', 'वीर-जारा', 'कल हो ना हो' और 'लगान' जैसी फिल्मों के गाने लिखे।


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