जाकिर खान ने साझा किया अपने जीवन का अनसुना किस्सा, घर के निर्माण में निभाई थी अहम भूमिका!
जाकिर खान का प्रेरणादायक किस्सा
मुंबई, 5 अगस्त। कॉमेडी की दुनिया में अपनी अनोखी पहचान बनाने वाले जाकिर खान अक्सर अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से लोगों को प्रेरित करते हैं। हाल ही में, उन्होंने अभिनेता गोपाल दत्त के पॉडकास्ट 'पहला पहला' में अपने प्रारंभिक जीवन से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया।
जाकिर ने बताया कि उन्हें निर्माण कार्य का अनुभव है और वह इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों को मिलाने का भी ज्ञान रखते हैं।
पॉडकास्ट में, जाकिर ने अपने बचपन, परिवार, संगीत के माहौल और संघर्ष के दिनों के बारे में खुलकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जब उनका घर बन रहा था, तब वह खुद भी उसी स्थान पर रह रहे थे और निर्माण कार्य में मदद कर रहे थे।
जाकिर ने कहा, "मैं आपको अपने घर के बारे में एक दिलचस्प बात बताता हूं। जब घर का निर्माण हो रहा था, तब मैं वहीं रह रहा था। हमारी मेहनत उस घर में शामिल थी। हमें चार मजदूरों की आवश्यकता थी, लेकिन हमने केवल तीन रखे। चौथा मजदूर मैं खुद था। मैंने निर्माण सामग्री तैयार की।"
इस बातचीत के दौरान, जाकिर ने अपने संगीत से जुड़े बचपन की यादों को भी साझा किया। वह प्रसिद्ध सारंगी वादक उस्ताद मोइनुद्दीन खान के पोते हैं। उनका बचपन एक ऐसे माहौल में बीता, जहां संगीत की गूंज हमेशा सुनाई देती थी।
जाकिर ने कहा, "हमारा घर मुंबई के बाजार में संगीत से भरा हुआ था। हर सुबह लगभग पांच या छह बजे, दादा जी संगीत का अभ्यास करते थे। वह अपनी उम्र के अंतिम पड़ाव में थे, लेकिन संगीत के प्रति उनका समर्पण गहरा था। घर में पांच युवा लड़कों को संगीत की शिक्षा दी जाती थी, और कई विद्यार्थी भी सीखने आते थे।"
उन्होंने आगे बताया, "हफ्ते में एक या दो बार, वह आकाशवाणी भी जाते थे, जहां बड़े कलाकार और गजल गायक अपनी प्रस्तुतियां देते थे। कई प्रसिद्ध कलाकार हमारे घर भी आते थे। मैं संगीत के माहौल में बड़ा हुआ, और मेरे चारों ओर हमेशा कला और कलाकारों की उपस्थिति रही।"
'पहला पहला' पॉडकास्ट आईवीएम पॉप के यूट्यूब चैनल और अन्य प्रमुख ऑडियो प्लेटफार्मों पर उपलब्ध है।
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