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गोल्डी बहल और सोनाली बेंद्रे की प्रेम कहानी: दोस्ती से शादी तक का सफर

गोल्डी बहल और सोनाली बेंद्रे की प्रेम कहानी एक दिलचस्प सफर है, जो दोस्ती से शुरू होकर शादी तक पहुंची। जानें कैसे गोल्डी ने सोनाली को पहली नजर में पसंद किया और कैसे उनका रिश्ता समय के साथ मजबूत हुआ। इस लेख में हम उनके करियर, दोस्ती और शादी के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।
 
गोल्डी बहल और सोनाली बेंद्रे की प्रेम कहानी: दोस्ती से शादी तक का सफर

गोल्डी बहल का जन्म और करियर की शुरुआत




मुंबई फिल्म उद्योग में कई प्रेम कहानियाँ बनीं और टूटीं, लेकिन कुछ रिश्ते समय और धैर्य की कसौटी पर खरे उतरे। गोल्डी बहल और सोनाली बेंद्रे की कहानी भी ऐसी ही है। कहा जाता है कि गोल्डी को सोनाली से पहली नजर में प्यार हो गया था, लेकिन यह प्यार लंबे समय तक एकतरफा रहा। धैर्य और इंतजार के बाद, अंततः एक परफेक्ट रिश्ता बना।


गोल्डी बहल का जन्म 23 फरवरी 1978 को हुआ। वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध बहल परिवार से संबंधित हैं। उनके पिता रमेश बहल एक जाने-माने फिल्म निर्देशक थे। फिल्मी माहौल में बड़े हुए गोल्डी ने बचपन से ही कैमरे और कलाकारों को करीब से देखा और फिल्म निर्माण की बारीकियों को समझा।


पहली मुलाकात और दोस्ती का सफर

गोल्डी और सोनाली की पहली मुलाकात 1994 में फिल्म 'नाराज' के सेट पर हुई थी। उस समय सोनाली अपने करियर की शुरुआत कर रही थीं, जबकि गोल्डी इंडस्ट्री को समझने में लगे थे। गोल्डी के लिए यह पहली नजर का प्यार था, लेकिन सोनाली उन्हें केवल एक दोस्त के रूप में देखती थीं। गोल्डी ने धीरे-धीरे दोस्ती को मजबूत किया।


गोल्डी का निर्देशन करियर

गोल्डी ने 2001 में फिल्म 'बस इतना सा ख्वाब है' से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा। इस फिल्म में अभिषेक बच्चन, रानी मुखर्जी, सुष्मिता सेन और जैकी श्रॉफ जैसे कलाकार शामिल थे। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन गोल्डी की निर्देशन शैली को सराहा गया।


इसके बाद, उन्होंने फिल्म 'द्रोण' का निर्देशन किया, जिसमें भारतीय पौराणिक कथाओं को आधुनिक कहानी के साथ जोड़ा गया।


टीवी और वेब में पहचान

गोल्डी बहल ने टीवी और वेब की दुनिया में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने अपनी बहन सृष्टि आर्या के साथ मिलकर 'रोज ऑडियो विजुअल्स' की स्थापना की। इस बैनर के तहत कई लोकप्रिय टीवी शोज और वेब सीरीज बनाई गईं, जो पारिवारिक रिश्तों और सामाजिक मुद्दों को दर्शाती हैं।


प्रेम कहानी का अंत और शादी

इस बीच, सोनाली बेंद्रे के साथ उनकी दोस्ती और गहरी होती गई। पांच साल तक दोनों दोस्त बने रहे। गोल्डी का प्यार धीरे-धीरे सोनाली के दिल तक पहुंचा। अंततः अभिषेक बच्चन की एक पार्टी में गोल्डी ने सोनाली को प्रपोज किया, और इस बार सोनाली ने 'हां' कहा।


12 नवंबर 2002 को दोनों ने शादी कर ली, और यह एकतरफा प्यार एक मजबूत रिश्ते में बदल गया। 2005 में उनके बेटे रणवीर का जन्म हुआ, जिसे गोल्डी अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा मानते हैं।


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