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क्यों छात्रों के समर्थन में खड़ी हुईं सौंदर्या रजनीकांत? जानें उनके विचार

सौंदर्या रजनीकांत ने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में एकजुटता दिखाई है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज़ को सुना जाना चाहिए और उन्हें बेहतर शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता है। मंजू वारियर ने भी छात्रों के अधिकारों की बात की है। जानें इस मुद्दे पर उनके विचार और प्रदर्शन की पृष्ठभूमि।
 

सौंदर्या रजनीकांत का छात्रों के प्रति समर्थन


मुंबई, 24 जुलाई। फिल्म निर्माता और सुपरस्टार रजनीकांत की छोटी बेटी सौंदर्या रजनीकांत हाल ही में छात्रों के समर्थन में अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की है। उनका कहना है कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी आवाज़ को सुना जाना चाहिए।


सौंदर्या ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर छात्रों के समर्थन में एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, 'मैं भारत के छात्रों के साथ खड़ी हूं। उनकी आवाज़ को सम्मान और संवेदनशीलता के साथ सुना जाना चाहिए, क्योंकि यही युवा देश का भविष्य हैं।'


उन्होंने आगे कहा, 'हर छात्र को ऐसी शिक्षा प्रणाली मिलनी चाहिए, जो आत्मविश्वास पैदा करे और आगे बढ़ने की उम्मीद दे। बेहतर शिक्षा प्रणाली के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं, ताकि छात्रों को निष्पक्ष और भरोसेमंद माहौल मिल सके।'


सौंदर्या के अलावा, मलयालम फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री मंजू वारियर ने भी छात्रों के प्रदर्शन पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर राजनीति से पहले इंसानियत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। युवाओं को सवाल पूछने और अपनी समस्याएं सामने रखने का अधिकार है।


मंजू वारियर ने कहा, 'देश की परीक्षा प्रणाली में लोगों का विश्वास बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। शिक्षा व्यवस्था में विश्वास तभी मजबूत हो सकता है, जब उसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता हो। छात्रों को डर का माहौल नहीं, बल्कि उम्मीद और बेहतर भविष्य मिलना चाहिए।'


दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सदस्य परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी नीट-यूजी पेपर लीक जैसे मुद्दों पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।


उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय न हो।


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