क्या है विकास खन्ना की बहन राधिका की याद में निभाई जाने वाली खास रस्म?
विकास खन्ना का भावुक खुलासा
मुंबई, 9 अगस्त। प्रसिद्ध शेफ विकास खन्ना हाल ही में 'शेखर टुनाइट' नामक एक स्ट्रीमिंग चैट शो में शामिल हुए। इस एपिसोड में उन्होंने अपनी दिवंगत बहन राधिका को याद करते हुए अपने न्यूयॉर्क स्थित रेस्टोरेंट से जुड़ी एक दिल छू लेने वाली बात साझा की। विकास ने बताया कि वह हर सुबह अपनी बहन की याद में एक विशेष रस्म निभाते हैं, जिससे वह आज भी अपनी बहन के साथ अपने संबंध को महसूस करते हैं।
विकास ने कहा, ''जब राधिका बीमार हुईं और उनका निधन हुआ, तो मैंने एक और रेस्टोरेंट खोलने का विचार लगभग छोड़ दिया था। मुझे लगा कि मैं 50 साल से अधिक का हो चुका हूं और अब रेस्टोरेंट शुरू करने की कोई आवश्यकता नहीं है। रेस्टोरेंट चलाना आसान नहीं है। लेकिन मेरी मां ने मुझे मेरी बहन की इच्छा याद दिलाई, जिसके बाद मैंने फिर से इस दिशा में कदम बढ़ाने का निर्णय लिया।''
शो में अपनी बहन को याद करते हुए विकास ने कहा, ''कोरोना महामारी से पहले, राधिका मुझसे अक्सर कहती थीं कि मुझे अपने हुनर को पहचानना चाहिए। उनके अनुसार, दुनिया के लगभग 30 प्रतिशत लोग मुझे अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। वह चाहती थीं कि मैं केवल एक रेस्टोरेंट न बनाऊं, बल्कि ऐसा स्थान तैयार करूं जो लोगों को घर जैसा अनुभव कराए।''
विकास ने आगे कहा, ''राधिका मुझसे कहती थीं कि पैसे से रेस्टोरेंट खोला जा सकता है, लेकिन घर नहीं। घर लोगों के साथ मिलकर बनता है। मेरी बहन की यह बात मेरे मन में गहराई से बैठ गई। जब रेस्टोरेंट का निर्माण शुरू हुआ, तो मुझे बार-बार अपनी बहन की बातें याद आने लगीं।''
उन्होंने कहा, "शुरुआत में मैं रेस्टोरेंट खोलने के लिए तैयार नहीं था। मुझे लगा कि अब इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। लेकिन जैसे-जैसे काम आगे बढ़ा, मुझे एहसास हुआ कि यह केवल एक व्यवसाय शुरू करने का मामला नहीं है, बल्कि अपनी बहन से किए गए वादे को पूरा करने का भी है।"
विकास ने बताया, ''मेरी मां ने भी याद दिलाया कि यह मेरा आखिरी वादा है, जिसे मुझे निभाना है। मुझे ऐसा लगता था कि राधिका मुझे देख रही हैं और मुझे अपना वादा पूरा करना है। इतनी बड़ी सोच के साथ रेस्टोरेंट शुरू करना आसान नहीं था। हालांकि, मैंने इसे एक छोटे रेस्टोरेंट के रूप में शुरू करने का निर्णय लिया।''
उन्होंने कहा, "मैंने राधिका के जन्मदिन पर बिना किसी रिजर्वेशन के रेस्टोरेंट खोलने का निर्णय लिया। रेस्टोरेंट शुरू करने के बाद से, मैं हर सुबह वहां की कांच की छत के नीचे जाता हूं और फूलों से रंगोली बनाता हूं। इसके बाद हाथ जोड़कर अपनी बहन को याद करते हुए कहता हूं, 'अगर तुम देख रही हो, तो यह तुम्हारे लिए है।'"
.png)