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क्या है मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता का विवादित इतिहास? जानें इसके रोचक किस्से!

मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता, जो दुनिया की सबसे प्रसिद्ध ब्यूटी पेजेंट में से एक है, अपने विवादित इतिहास के लिए जानी जाती है। इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे इस प्रतियोगिता ने न केवल सुंदरता, बल्कि सामाजिक मुद्दों को भी छुआ है। ओपल सुचाता की जीत से लेकर प्रियंका चोपड़ा के विवादों तक, इस प्रतियोगिता के पीछे की कहानियाँ आपको हैरान कर देंगी। जानें इसके रोचक किस्से और विवादों के बारे में!
 

मिस वर्ल्ड: एक प्रतिष्ठित ब्यूटी पेजेंट

मिस वर्ल्ड एक प्रमुख ब्यूटी पेजेंट है, जिसमें हर साल विभिन्न देशों की प्रतियोगी भाग लेती हैं। यह प्रतियोगिता न केवल सुंदरता, बल्कि प्रतिभा, सामाजिक कार्य और नेतृत्व कौशल पर भी ध्यान केंद्रित करती है। हालांकि, इसकी शुरुआत विवादों से भरी रही है।


2024 की विजेता क्रिस्टीना पिस्जकोवा ने 2025 में ओपल सुचाता को मिस वर्ल्ड का ताज पहनाया। ओपल ने इस खिताब को अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन युवा लड़कियों की जीत बताया, जो अपनी आवाज को दुनिया तक पहुंचाना चाहती हैं।


उन्होंने कहा कि वह इस मंच का उपयोग करके वास्तविक बदलाव लाने के लिए गर्व महसूस करती हैं।


भारत की नंदिनी गुप्ता का सफर

नंदिनी गुप्ता ने टॉप-20 में बनाई जगह


पिछले वर्ष, भारत की नंदिनी गुप्ता ने मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भाग लिया और टॉप-20 में अपनी जगह बनाई, हालांकि वह टॉप-8 में नहीं पहुंच सकीं। लेकिन उन्होंने टॉप मॉडल का खिताब जीता।


फिनाले में बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद को उनके सामाजिक कार्यों के लिए मिस वर्ल्ड ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वह प्रतियोगिता की जूरी का हिस्सा थे और उन्होंने ओपल सुचाता से अंतिम सवाल पूछा। फिनाले में जैकलीन फर्नांडिस और ईशान खट्टर ने भी प्रदर्शन किया।


मिस वर्ल्ड की शुरुआत का इतिहास

प्रतियोगिता की शुरुआत


मिस वर्ल्ड की शुरुआत 1951 में ब्रिटेन में हुई थी। इसे इंग्लैंड के टीवी होस्ट एरिक मोर्ले ने फेस्टिवल ऑफ ब्रिटेन के दौरान बिकिनी को प्रमोट करने के लिए आयोजित किया था।


इस प्रतियोगिता में 27 मॉडल्स ने भाग लिया और इसे 'मिस वर्ल्ड' नाम दिया गया। स्वीडन की कर्स्टीन मार्गरेटा, जिसे कीकी हकानसन के नाम से जाना जाता है, पहली मिस वर्ल्ड बनीं।


प्रतियोगिता के प्रसारण के बाद इसे धार्मिक और सामाजिक संगठनों की आलोचना का सामना करना पड़ा। कई देशों ने विरोध के चलते प्रतियोगिता में अपनी प्रतियोगियों को भेजने से मना कर दिया।


इसके बाद, एरिक मोर्ले ने 'मिस वर्ल्ड' नाम को आधिकारिक रूप से रजिस्टर कराया और इसे वार्षिक आयोजन बना दिया। विवादों से बचने के लिए 1952 से बिकिनी की जगह स्विमसूट का उपयोग किया जाने लगा।


मिस वर्ल्ड से जुड़े विवाद

प्रतियोगिता के विवादित क्षण


1970: फिनाले में हंगामा


1970 में लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में मिस वर्ल्ड का फिनाले चल रहा था, जब लगभग 60 फेमिनिस्ट प्रदर्शनकारी वहां पहुंच गईं। उन्होंने प्रतियोगिता के तरीके का विरोध किया और मंच पर आटा फेंका।


1970: पहली ब्लैक मिस वर्ल्ड


ग्रेनाडा की जेनिफर होस्टन पहली ब्लैक मिस वर्ल्ड बनीं, लेकिन उनकी जीत के बाद विरोध शुरू हो गया। आरोप लगे कि परिणाम को प्रभावित किया गया था।


1973: खिताब छिनना


1973 में मार्जोरी वैलेस ने खिताब जीता, लेकिन 104 दिन बाद उनका खिताब छीन लिया गया।


1980: ताज लौटाना


जर्मनी की गैब्रिएला ब्रूम ने ताज लौटाया, जबकि 2000 में नाइजीरिया में धार्मिक तनाव के कारण आयोजन स्थल बदला गया।


2020: कोविड-19 का प्रभाव


कोरोना महामारी के कारण 2020 में प्रतियोगिता रद्द कर दी गई थी।


मिस इंग्लैंड का विवाद

मिला मैगी का हटना


मिस वर्ल्ड 2025 का आयोजन भारत के हैदराबाद में हुआ था, लेकिन मिस इंग्लैंड मिला मैगी ने प्रतियोगिता से हटने का निर्णय लिया। उन्होंने आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाए।


प्रियंका चोपड़ा की जीत पर विवाद


प्रियंका चोपड़ा ने 2000 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीता, लेकिन उनकी जीत को लेकर भी विवाद उठे। प्रतियोगिता में कथित पक्षपात के आरोप लगे थे।


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