क्या है आर. वीरमणि के खिलाफ खुशबू सुंदर की कड़ी प्रतिक्रिया? जानें इस चौंकाने वाले मामले की पूरी कहानी!
खुशबू सुंदर की आवाज़: आर. वीरमणि के खिलाफ कार्रवाई की मांग
चेन्नई, 23 सितंबर। उद्योगपति आर. वीरमणि पर लगे पॉक्सो मामले में अभिनेत्री और नेता खुशबू सुंदर ने सख्त कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर सवाल उठाता है और शक्तिशाली व्यक्तियों को यह नहीं सोचने देना चाहिए कि वे कानून से ऊपर हैं।
इस मुद्दे ने तमिलनाडु और पूरे देश में हलचल मचा दी है। खुशबू ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, "एक बच्चे का दर्द किसी कीमत पर नहीं खरीदा जा सकता। उसकी आवाज़ को दबाना गलत है। न्याय पर कोई सौदा नहीं किया जा सकता। ताकतवरों को यह नहीं मानने देना चाहिए कि वे सुरक्षित हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "बच्चों का शोषण सबसे भयावह और अक्षम्य अपराध है। बच्चों को सुरक्षा मिलनी चाहिए, न कि उनके साथ शोषण किया जाए या उन्हें चुप कराया जाए।"
खुशबू ने अपने गुस्से को स्पष्ट करते हुए कहा, "अगर इस मामले में 70 करोड़ की संपत्ति या राजनीतिक संबंधों का इस्तेमाल सच्चाई को दबाने के लिए किया जाता है, तो यह और भी अधिक गुस्सा दिलाता है। इसे उजागर किया जाना चाहिए और इसकी जांच होनी चाहिए। आर. वीरमणि जैसे मामलों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। वह इतने सालों तक कैसे बचता रहा? यह शर्मनाक है।"
उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में कहा, "अगर दोष साबित होता है, तो कोई भी बचाव नहीं होना चाहिए। कानून को अपराधियों को बिना देरी के सजा देनी चाहिए।"
इस बीच, ग्रेटर चेन्नई पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने इस पॉक्सो मामले की जांच को और बढ़ा दिया है। पुलिस ने गणेशन को गिरफ्तार किया है, जो पहले जेम ग्रेनाइट्स में काम करता था।
गिरफ्तारी तब हुई जब गणेशन के मोबाइल फोन पर वीरमणि और एक नाबालिग लड़की से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो मिलने का दावा किया गया। शांति और महेंद्र सिम्हन नामक दंपति को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनका वीरमणि से संबंध बताया गया है।
गणेशन, शांति और महेंद्र सिम्हन को अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
यह जांच वीरमणि के खिलाफ चल रहे बड़े पॉक्सो केस का हिस्सा है। वीरमणि को पहले ही कई नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।
आर. वीरमणि का मामला तमिलनाडु में एक बेहद चौंकाने वाला मामला है, जिसमें भारत के सबसे बड़े ग्रेनाइट निर्यात व्यवसायों में से एक 'जेम ग्रुप' के चेयरमैन पर कई वर्षों तक नाबालिग लड़कियों के शोषण का आरोप है।
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