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क्या है अमेरिकी गायिका Mary Millben की चेतावनी? जानें CJP के खिलाफ उनके आरोप!

अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने भारतीय युवाओं को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ अमेरिकी दानदाता इस आंदोलन को फंडिंग कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भयभीत हैं। मिलबेन ने कहा कि यह समय चुप रहने का नहीं है और युवाओं से अपील की कि वे इस संगठन की विनाशकारी सोच के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध करें। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

गायिका का भारत के युवाओं के लिए संदेश

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर। अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और इसके संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ भारतीय युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि कुछ अमेरिकी दानदाताओं से इस आंदोलन को वित्तीय सहायता मिल रही है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भयभीत हैं और इसी कारण ये लोग देश में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।


मिलबेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर युवा देशभक्तों को संबोधित करते हुए कहा, "अभिजीत दिपके और सीजेपी को अमेरिकी दानदाताओं से फंडिंग मिल रही है। ये लोग प्रधानमंत्री मोदी और उनके नेतृत्व को खतरा मानते हैं।"


उन्होंने आगे कहा, "डरो मत। आपके प्रधानमंत्री, जिन्होंने 25 वर्षों तक भारत की सेवा की है - 12 वर्षों तक प्रधानमंत्री के रूप में और लगातार तीन बार चुने गए - वे विघटनकारी ताकतों के सामने झुकने वाले नहीं हैं।"


गायिका ने विघटनकारी सोच के पीछे के पैटर्न को समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "इन विशेष दानदाताओं का एक ही पैटर्न है। ये कंजर्वेटिव वैश्विक नेताओं को निशाना बनाते हैं, अमेरिका में पढ़े-लिखे व्यक्तियों को कट्टरपंथी बनाते हैं और फिर उन्हें अपने देशों में भेजकर तबाही मचाने के लिए फंड देते हैं। इनमें से कोई भी सफल नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने देश के विकास और शासन पर प्रभाव जरूर डाला है।"


अपनी बात को समाप्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह चुप रहने का समय नहीं है। भारत के सभी युवा देशभक्तों से अपील की कि वे आगे आएं और इस संगठन की विनाशकारी सोच के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध करें।


सीजेपी वर्तमान में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और एसआईआर में कथित अनियमितताओं के आरोप में ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा मांगा है। 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर सीजेपी ने प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन अनुमति न मिलने के कारण पुलिस कार्रवाई के चलते ऐसा नहीं हो सका।


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