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क्या आपने सुना? 'लॉक अप' में कंटेस्टेंट्स ने खोले दिल दहला देने वाले राज!

हाल ही में 'लॉक अप: सच या सजा' में कंटेस्टेंट्स ने अपने बचपन के दर्दनाक अनुभव साझा किए। शिवांगी जोशी, श्रेया कालरा और हर्षद चोपड़ा ने यौन उत्पीड़न के बारे में खुलकर बात की, जिससे सभी दर्शक भावुक हो गए। जानें उनके अनुभव और उनकी अपील कि माता-पिता अपने बच्चों से खुलकर बात करें।
 

शो में भावुक खुलासे


मुंबई, 29 जुलाई। हाल ही में प्रसारित हुए पॉपुलर रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सजा' में कंटेस्टेंट श्रेया कालरा, शिवांगी जोशी और हर्षद चोपड़ा ने अपने जीवन के कुछ बेहद संवेदनशील अनुभव साझा किए, जो सभी को भावुक कर गए। तीनों ने बताया कि वे बचपन में यौन उत्पीड़न का शिकार हुए थे।


शिवांगी जोशी ने खुलासा किया कि उनके मुंह बोले मामा ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। जब शो में उनसे 'ब्रेड और बटर' से जुड़ा राज बताने के लिए कहा गया, तो उन्होंने बताया कि उनके पिता को व्यापार में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था, जिससे परिवार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। इस कठिन समय में उनके रिश्तेदारों ने उनकी मदद की।


शिवांगी ने कहा कि जब उन्होंने अपने परिवार से मुंबई जाने और अभिनेत्री बनने की इच्छा जताई, तब उनके मामा ने इसका गलत फायदा उठाया। उन्होंने कहा, "वे मुझसे कहते थे कि तुम मुंबई जाओगी, तो कार चलाना सीखना जरूरी है।" इस बहाने वे उन्हें अपने पास बुलाते थे।


एक दिन जब शिवांगी अकेली थीं, तब उनके मामा ने गलत हरकत करने की कोशिश की। उन्होंने बताया, "मैंने उसे धक्का दे दिया और तभी मेरे माता-पिता घर लौट आए।" इस घटना ने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया और कई दिनों तक वह घर से बाहर नहीं निकलीं।


इसी तरह, श्रेया कालरा ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जब वह 13 साल की थीं, तब उनके चचेरे भाई ने उनके साथ छेड़छाड़ की थी। उन्होंने कहा, "यह बात मेरे माता-पिता को नहीं पता है, केवल मेरे पार्टनर को पता है।"


हर्षद चोपड़ा ने भी अपने बचपन के अनुभव साझा किए, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें भी यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि इस बारे में बात करने में उन्हें वर्षों लगे।


हर्षद ने सभी माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों को अकेला न छोड़ें और उनसे खुलकर बात करें।


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