क्या अर्जुन बिजलानी का मानना है कि इवेंट्स में जाना जरूरी नहीं? जानें उनकी सोच
अर्जुन बिजलानी की अनोखी सोच
नई दिल्ली, 27 सितंबर। 'नागिन' और 'इश्क में मरजावां' जैसे चर्चित शोज से टीवी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने वाले अभिनेता अर्जुन बिजलानी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने विचार साझा किए। उनका मानना है कि इंडस्ट्री में सफल होने के लिए हर पार्टी या इवेंट में उपस्थित होना आवश्यक नहीं है। इसके बजाय, लोगों से संबंध बनाना और मिलना-जुलना अधिक महत्वपूर्ण है। अंततः, किसी कलाकार का काम ही उसकी असली पहचान होती है।
अर्जुन ने कहा, ''मुझे लोगों से मिलना पसंद है, लेकिन मैं ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जो हर जगह मौजूद रहना जरूरी समझता है। मैं सच्चे संबंधों को अधिक महत्व देता हूं।''
उन्होंने आगे कहा, ''एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सामाजिक मेलजोल और अच्छे रिश्ते बनाना महत्वपूर्ण है। यहां काम के साथ-साथ लोगों से जुड़ाव भी कई मामलों में सहायक होता है। मेरा मानना है कि किसी कलाकार की पहचान केवल उसके सोशल सर्कल या इवेंट्स में उपस्थिति से नहीं बनती। अंततः, आपका काम ही आपकी पहचान है।''
अपनी पर्सनैलिटी के बारे में बात करते हुए अर्जुन ने कहा, ''मैं खुद को पूरी तरह इंट्रोवर्ट या एक्स्ट्रोवर्ट नहीं मानता। मेरे अंदर दोनों गुण हैं। जब मैं सहज महसूस करता हूं, तो मैं सामाजिक होता हूं, लेकिन मुझे अकेले रहना भी पसंद है। मुझे लगता है कि यह मुझे अपने किरदारों में विविधता लाने में मदद करता है।''
सोशल मीडिया के महत्व पर बात करते हुए अर्जुन ने कहा, ''आपको सोशल मीडिया के साथ तालमेल बिठाना होता है, लेकिन इसे अपनी जिंदगी पर हावी नहीं होने देना चाहिए। जब मैं अपने परिवार के साथ होता हूं, तो मैं कोशिश करता हूं कि सोशल मीडिया से दूर रहूं और उस पल का आनंद लूं। सोशल मीडिया आज के समय में जरूरी है, लेकिन यह टैलेंट और अच्छे काम की जगह नहीं ले सकता।''
उन्होंने यह भी कहा, ''मैं सोशल मीडिया पर कोई खास छवि बनाने की कोशिश नहीं करता। मैं ऑनलाइन वही दिखाना पसंद करता हूं, जैसा मैं असल जिंदगी में हूं। इससे मुझे सोशल मीडिया पर किसी प्रकार का दबाव महसूस नहीं होता।''
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