इरफान खान की पुण्यतिथि पर पत्नी सुतापा सिकदर की भावुक श्रद्धांजलि
इरफान खान की याद में सुतापा सिकदर का भावुक संदेश
मुंबई, 29 अप्रैल। हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता इरफान खान ने अपने अद्वितीय अभिनय से दुनिया भर में एक खास पहचान बनाई। उनकी फिल्में और निभाए गए किरदार आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। 29 अप्रैल 2020 को इरफान खान का निधन हो गया, लेकिन उनके प्रशंसक आज भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। उनकी पत्नी सुतापा सिकदर अक्सर उन्हें याद कर भावुक हो जाती हैं। इरफान की छठी पुण्यतिथि पर सुतापा ने एक विशेष पोस्ट साझा किया।
सुतापा ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लेखक योगेश भारद्वाज की एक भावुक रचना को साझा किया, जिसमें इरफान की शख्सियत, उनके संघर्ष और उनके अंदर छिपे कलाकार को गहराई से याद किया गया। इस रचना में यह बताया गया कि इरफान एक ऐसे व्यक्ति थे जिनकी आंखों में गहराई, व्यवहार में सादगी और दिल में अपार संवेदनाएं थीं।
पोस्ट में इरफान की तस्वीर के साथ लिखा गया, "मैं भटका सा राही, मुझे वो दर दिखता था… मैंने जिधर देखना चाहा, वो उधर दिखता था। मुझे जलाकर सुखा दिया था तपिश ने मेरी… मुझे उसकी आंखों में समंदर दिखता था। जीवन की कला का बड़ा कलाकार था वो… दिल जीतने का हुनर जानता था, फनकार था वो। हमने घर छोड़ा कुछ पाने की बेचैनी में, उसके रास्तों में मुझे बस सबर दिखता था। ऐ खुदा, खुद से खुद की रिहाई लिख दे, जैसे उसकी लिखी, मेरी भी विदाई लिख दे। कौन सी रिश्वत देता था वो तुझको... तू जब-जब उसका हुनर लिखता था।"
इरफान खान और सुतापा सिकदर की प्रेम कहानी दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से शुरू हुई थी। दोनों ने वहां थिएटर में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष किया। शुरुआत में उनकी दोस्ती हुई, और धीरे-धीरे यह प्यार में बदल गई।
संघर्ष के दिनों में दोनों ने एक-दूसरे का साथ दिया। काफी समय तक वे लिव-इन रिलेशनशिप में रहे और अपने करियर पर ध्यान केंद्रित किया। अंततः 23 फरवरी 1995 को उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली। जीवन के हर उतार-चढ़ाव में दोनों एक-दूसरे का सहारा बने रहे। जब इरफान अपनी बीमारी से जूझ रहे थे, तब भी सुतापा ने उनका हर कदम पर साथ निभाया।
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