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अर्जुन बिजलानी ने साझा की दीपावली की खास यादें, परिवार के साथ बिताए पल हैं अनमोल

अर्जुन बिजलानी ने दीपावली के अवसर पर अपने परिवार के साथ बिताए खास पलों के बारे में बात की। उन्होंने त्योहारों के महत्व और काम और परिवार के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार, दीपावली का असली आनंद प्रियजनों के साथ बिताए गए समय में है। जानें उनके अनुभव और त्योहार के प्रति बदलते नजरिए के बारे में।
 

त्योहारों का महत्व और परिवार के साथ समय




मुंबई, 8 नवंबर। टेलीविजन के मशहूर अभिनेता अर्जुन बिजलानी का मानना है कि त्योहारों का समय अपने व्यस्त जीवन से थोड़ी राहत पाने और प्रियजनों के साथ बिताने का एक सुनहरा अवसर है। वह दीपावली को पारंपरिक तरीके से अपने परिवार के साथ मनाना पसंद करते हैं।


उन्होंने कहा, "दीपावली का मतलब हमेशा परिवार के साथ बिताए गए खुशहाल पल होते हैं। हम आमतौर पर घर पर ही पूजा करते हैं, सजावट करते हैं, स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेते हैं और हंसी-मजाक का माहौल बनाते हैं। मैं अपने काम में व्यस्त रहता हूं, लेकिन त्योहारों के समय अपने परिवार के साथ रहने की पूरी कोशिश करता हूं।"


अर्जुन ने आगे कहा, "काम और त्योहारों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। जो लोग और चीजें आपके लिए महत्वपूर्ण हैं, उनके लिए समय निकालना आवश्यक है। मैं अपने शेड्यूल को इस तरह से व्यवस्थित करने की कोशिश करता हूं कि मैं अपने परिवार के साथ त्योहारों का आनंद ले सकूं। काम महत्वपूर्ण है, लेकिन अपने प्रियजनों के साथ बिताए गए पल भी उतने ही मूल्यवान होते हैं।"


अर्जुन ने यह भी बताया कि समय के साथ दीपावली के प्रति उनका दृष्टिकोण बदल गया है।


उन्होंने कहा, "बचपन में दीपावली का मतलब नए कपड़े, मिठाइयां और पटाखे होते थे, लेकिन अब समझ आता है कि इस त्योहार का अर्थ कहीं अधिक गहरा है। मेरे लिए, 'अंधेरे पर रोशनी की जीत' का मतलब उम्मीद और सकारात्मकता है, जो हमें कठिन समय में ताकत देती है। यह मुझे याद दिलाता है कि मुझे अपने पास जो कुछ भी है, उसके लिए आभारी रहना चाहिए।"


दीपावली की अपनी प्रिय यादों को साझा करते हुए उन्होंने कहा, "परिवार के साथ दीपावली हमेशा खास होती है, लेकिन जब हम सब एक साथ होते हैं, तो वह पल सबसे यादगार बन जाता है। जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपको एहसास होता है कि दीपावली की असली खुशी सिर्फ जश्न मनाने में नहीं, बल्कि उन लोगों के साथ होती है जिनके साथ आप इसे मनाते हैं। हंसी-मजाक के पल और यादें ही सबसे कीमती होती हैं।"


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