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अयोध्या में मुकेश खन्ना का 'जय हिंद' अभियान: शहीदों को मिले सम्मान की मांग

अभिनेता मुकेश खन्ना ने अयोध्या में 'जय हिंद' अभियान की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य क्रांतिकारियों को सम्मान दिलाना है। उन्होंने शहीद दिवस के अवसर पर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को शहीद का दर्जा देने की मांग की। खन्ना ने अपने अनुभव साझा करते हुए अयोध्या के विकास की सराहना की और कहा कि ब्रिटिश सरकार ने इन महान योद्धाओं को उचित सम्मान नहीं दिया। जानें उनके विचार और इस अभियान का महत्व।
 
अयोध्या में मुकेश खन्ना का 'जय हिंद' अभियान: शहीदों को मिले सम्मान की मांग

मुकेश खन्ना का अयोध्या दौरा


अयोध्या, 23 मार्च। अभिनेता मुकेश खन्ना ने हाल ही में अयोध्या धाम का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने हनुमान गढ़ी के निकट राजद्वार पार्क से 'जय हिंद' सिग्नेचर अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का उद्देश्य क्रांतिकारियों को सम्मानित करना और उन्हें शहीद का दर्जा दिलाना है।


खन्ना ने बातचीत में कहा, "यह मेरा पहला अनुभव है अयोध्या आने का। यहां के विकास को देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। मंदिर के निर्माण के बाद से यहां काफी बदलाव आया है। मेरे मित्र दीपक त्रिपाठी, जो यहीं के निवासी हैं, ने मुझे इस प्रगति के बारे में बताया है।"


अभिनेता ने अपने अभियान के बारे में आगे बताया, "हम यहां दो मुख्य कारणों से आए हैं। आज शहीद दिवस है, जब भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दी गई थी। इसलिए हम आज 'जय हिंद' अभियान की शुरुआत कर रहे हैं ताकि इन महान योद्धाओं को उचित सम्मान मिल सके।"


खन्ना ने अपनी यात्रा का कारण बताते हुए कहा, "आपको सोचना चाहिए कि मैंने आज का दिन क्यों चुना। भाजपा ने मुझे पहले भी बुलाया था, लेकिन मैंने तय किया था कि जब भी आऊंगा, शांति से आऊंगा। आज मैं विशेष रूप से शहीदों के सम्मान में यहां आया हूं।"


उन्होंने यह भी कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को आधिकारिक रूप से शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश सरकार और बाद में नेहरू सरकार ने उन्हें यह दर्जा नहीं दिया।


खन्ना ने कहा, "अगर चंद्रशेखर आजाद को भारत रत्न दिया जाता, तो यह आजाद जी का मान नहीं, बल्कि भारत रत्न का मान बढ़ाता। हम पिछले एक दशक से इस मुद्दे पर संघर्ष कर रहे हैं। इन क्रांतिकारियों को शहीद का दर्जा मिलना चाहिए और उनके बारे में स्कूल की किताबों में पढ़ाया जाना चाहिए।"


अंत में, मुकेश खन्ना ने कहा कि भले ही अंग्रेज भारत छोड़ चुके हैं, लेकिन उनकी सोच अभी भी हमारे समाज में मौजूद है। उन्होंने सुझाव दिया कि सड़कों के नाम क्रांतिकारियों के नाम पर रखे जाने चाहिए।


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