हैरिस जयराज: साउथ से बॉलीवुड तक, संगीत की दुनिया के बादशाह!
संगीत की दुनिया में हैरिस जयराज का सफर
मुंबई, 7 जनवरी। हैरिस जयराज म्यूजिक इंडस्ट्री में एक जाना-पहचाना नाम हैं। उनके गाने न केवल साउथ सिनेमा में, बल्कि बॉलीवुड में भी दर्शकों के दिलों पर राज करते हैं। 'ऑरेंज', 'रंगम' और 'रहना है तेरे दिल में' जैसे हिट गानों ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई है। उनकी अद्भुत धुनों ने उन्हें सिनेमा के प्रमुख संगीतकारों में से एक बना दिया है।
8 जनवरी 1975 को चेन्नई में जन्मे हैरिस जयराज मुख्य रूप से तमिल फिल्मों के लिए संगीत तैयार करते हैं, लेकिन उनका योगदान तेलुगू, तमिल और हिंदी सिनेमा में भी उल्लेखनीय है। उनकी धुनें युवा पीढ़ी के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
हैरिस का संगीत सफर 6 साल की उम्र में शुरू हुआ, जब उन्होंने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत सीखना शुरू किया। उनके पिता, एसएम जयकुमार, एक प्रसिद्ध फिल्म गिटारिस्ट थे, जिन्होंने कई बड़े संगीतकारों के साथ काम किया। हैरिस ने कीबोर्ड बजाना सीखा और ए.आर. रहमान जैसे दिग्गजों के साथ प्रोग्रामर के रूप में काम किया। उन्होंने विज्ञापनों के लिए भी कई जिंगल्स बनाए।
हैरिस ने 2001 में तमिल फिल्म 'मिन्नाले' से संगीत निर्देशक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। इस फिल्म के गाने, विशेषकर 'वसेगारा', ने उन्हें काफी प्रसिद्धि दिलाई। इसी साल, 'रहना है तेरे दिल में' का हिंदी रीमेक भी रिलीज हुआ, जिसमें उन्होंने नए गाने कंपोज किए। 'जरा जरा बहकता है' और 'दिल को तुमसे प्यार हुआ' जैसे गाने आज भी रोमांटिक प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं।
इसके बाद, हैरिस ने कई हिट फिल्मों में संगीत दिया। 2003 में आई फिल्म 'काक्का काक्का' के गाने 'उयिरिन उयिरे' ने उन्हें कई पुरस्कार दिलाए। 'गजिनी' के 'सुट्टुम चरेडे', 'अन्नियन' के 'वारनम आयिरम' और 'येन्नई अरिंदाल' जैसी फिल्मों के साउंडट्रैक ने उन्हें सुपरस्टार कंपोजर बना दिया।
हालांकि, हैरिस अपनी पुरानी रचनाओं को सुनना पसंद नहीं करते। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “जीवन में आगे बढ़ना चाहिए, पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। जैसे पुरानी प्रेमिकाओं को नहीं देखते, वैसे ही पुराने एल्बमों को छोड़ आगे बढ़ो।”
हैरिस की खासियत मेलोडी, वेस्टर्न और भारतीय फ्यूजन है, जो दर्शकों को बहुत भाती है। उन्हें तमिलनाडु सरकार से कलाईमणि अवार्ड और लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड जैसे कई सम्मान मिले हैं। उन्होंने 6 फिल्मफेयर अवार्ड साउथ जीते हैं और 20 नामांकनों के साथ-साथ 4 तमिलनाडु स्टेट फिल्म अवार्ड और इंटरनेशनल तमिल फिल्म अवार्ड भी अपने नाम किए हैं।
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