सुमन कल्याणपुर को श्रद्धांजलि: गायिका अनुराधा पौड़वाल ने साझा की भावनाएं
सुमन कल्याणपुर की याद में श्रद्धांजलि
मुंबई, 3 जून। प्रसिद्ध गायिका सुमन कल्याण अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके चाहने वाले सोशल मीडिया पर अपने दुख का इजहार कर रहे हैं। इस क्रम में, गायिका अनुराधा पौड़वाल ने बुधवार को सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
अनुराधा पौड़वाल ने इंस्टाग्राम पर दिवंगत सुमन कल्याण की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "भावपूर्ण श्रद्धांजलि। महान आत्माएं भले ही इस संसार से चली जाती हैं, लेकिन उनकी विरासत हमेशा जीवित रहती है। आपके योगदान और प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी।"
उन्होंने आगे कहा, "आपके द्वारा दी गई यादें, सीख और अमूल्य योगदान के लिए हम हमेशा आभारी रहेंगे। आप हमेशा हमारी यादों में जीवित रहेंगी और आपकी कमी का अहसास हमेशा रहेगा। ऊं शांति।"
सुमन कल्याणपुर ने 1950 और 60 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की, जबकि अनुराधा पौड़वाल ने 1970 और 80 के दशक में पार्श्व गायिका के रूप में पहचान बनाई।
सुमन कल्याणपुर अपनी मखमली और भावपूर्ण गायकी के लिए जानी जाती थीं, जो लता मंगेशकर की शैली से काफी मिलती-जुलती थी। वहीं, अनुराधा पौड़वाल ने मुख्य रूप से बॉलीवुड के रोमांटिक गानों और भक्ति गीतों में महारत हासिल की।
सुमन कल्याणपुर के कुछ प्रसिद्ध गानों में 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे', 'ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे' और 'तुमने पुकारा और हम चले आए' शामिल हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म 'पसंत आहे मुलगी' से की थी। उनका पहला सुपरहिट मराठी गीत 'भातुकलीच्या खलमांडिला' माना जाता है। 1960 और 1970 का दशक उनके करियर का स्वर्णिम काल था। लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच मतभेद के दौरान, सुमन कल्याणपुर ने रफी के साथ 140 से अधिक लोकप्रिय युगल गीत गाए। उन्होंने हिंदी के अलावा, मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी और भोजपुरी जैसी कई भारतीय भाषाओं में गीत गाए।
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