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सुमन कल्याणपुर का निधन: पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, भारतीय संगीत को किया समृद्ध

भारतीय संगीत की प्रसिद्ध गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन हो गया है। पीएम मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनकी मधुर आवाज और सांस्कृतिक योगदान की सराहना की। सुमन ने अपने करियर में कई सदाबहार गाने गाए और भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम युग को अपनी आवाज से अमर बना दिया। जानें उनके जीवन और करियर के बारे में अधिक जानकारी।
 
सुमन कल्याणपुर का निधन: पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, भारतीय संगीत को किया समृद्ध

सुमन कल्याणपुर का निधन




नई दिल्ली, 1 जून। भारतीय संगीत की दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का निधन रविवार को मुंबई में उनके घर पर हुआ। उनकी उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण यह दुखद घटना घटी। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया।


प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने सुमन कल्याणपुर के साथ एक तस्वीर भी पोस्ट की। उन्होंने लिखा, "सुमन कल्याणपुर के निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ। उनकी मधुर आवाज और भावनात्मक गायकी ने भारतीय संगीत और संस्कृति को समृद्ध किया।"


उन्होंने आगे कहा, "सुमन जी ने अपने गीतों के माध्यम से संगीत प्रेमियों और भारतीय सिनेमा के दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया। उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। ऊं शांति।"


सुमन कल्याणपुर का अंतिम संस्कार 1 जून को मुंबई में किया जाएगा।


सुमन कल्याणपुर भारतीय संगीत की उन महान गायिकाओं में से एक थीं, जिन्होंने भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम युग को अपनी आवाज से अमर बना दिया। उन्होंने कई सदाबहार गानों को गाया और संगीत प्रेमियों के दिलों में एक खास पहचान बनाई। उनकी आवाज की मिठास और सुरों की गहराई ने उन्हें भारतीय फिल्म संगीत की सबसे प्रतिष्ठित गायिकाओं में शामिल किया।


उनके कुछ प्रसिद्ध गानों में 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे', 'ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे' और 'तुमने पुकारा और हम चले आए' शामिल हैं। सुमन ने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म 'पसंत आहे मुलगी' से की थी, और उनका पहला हिट मराठी गाना 'भातुकलीच्या खलमांडिला' माना जाता है। 1960 और 1970 का दशक उनके करियर का स्वर्णिम काल था।


लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच मतभेद के दौरान, सुमन कल्याणपुर ने रफी के साथ 140 से अधिक लोकप्रिय युगल गाने गाए।


सुमन कल्याणपुर ने हिंदी, मराठी और अन्य भाषाओं में 740 से अधिक गाने गाए। उनकी आवाज इतनी मधुर थी कि कई बार लोग उन्हें लता मंगेशकर से भ्रमित कर देते थे। उन्हें महाराष्ट्र सरकार और अन्य संस्थाओं द्वारा कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।


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