सुप्रीम कोर्ट ने 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो पर उठाया सख्त कदम, समय रैना को लगा बड़ा जुर्माना!
सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख
नई दिल्ली, 14 जुलाई। विवादास्पद शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में होस्ट समय रैना और अन्य इन्फ्लुएंसर्स द्वारा दिव्यांगों का मजाक उड़ाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त कार्रवाई की है।
सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने समय रैना को फटकार लगाते हुए कहा कि उन्होंने अदालत को गुमराह करने की कोशिश की और गलत जानकारी दी। इस पर, अदालत ने समय रैना और शो में शामिल अन्य कॉमेडियन्स पर 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि जुर्माना दो हफ्ते में नहीं भरा गया, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और अन्य कॉमेडियन्स से पूछा कि उन्होंने अपने व्यवहार में सुधार लाने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
क्योर एसएमए फाउंडेशन की ओर से पेश हुई सीनियर एडवोकेट अपराजिता सिंह ने अदालत को बताया कि समय रैना ने पहले यह आश्वासन दिया था कि उन्होंने दिव्यांगों के लिए कुछ कार्यक्रम आयोजित किए हैं, लेकिन कोर्ट के निर्देशों के बावजूद उन्होंने संस्था से संपर्क नहीं किया।
संस्था के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि समय रैना ने इस मामले में कोई माफी नहीं मांगी है।
क्योर एसएमए फाउंडेशन का आरोप है कि समय रैना ने 'दैट कॉमेडी क्लब' में एक नेत्रहीन नवजात का मजाक उड़ाया था, जिसे जीवित रहने के लिए 16 करोड़ रुपये के इंजेक्शन की आवश्यकता थी।
उन्होंने कहा, ''देखो, चैरिटी अच्छी बात है, करनी चाहिए। मैं एक चैरिटी देख रहा था, जिसमें एक दो महीने का बच्चा है, जिसे कुछ तो क्रेजी हो गया था। इलाज के लिए उसे 16 करोड़ रुपये का इंजेक्शन चाहिए था।''
समय ने शो में बैठी एक महिला से सवाल किया, ''मैम, आप बताइए... अगर आप वो मां होतीं और आपके बैंक में 16 करोड़ रुपये आ जाते, तो एक बार तो अपने पति को देखकर बोलती न कि महंगाई बढ़ रही है और कोई गारंटी नहीं है कि वो बच्चा उस इंजेक्शन के बाद भी बचेगा। मर भी तो सकता है। सोचो इंजेक्शन के बाद मर गया। उससे भी खराब सोचो कि 16 करोड़ के इंजेक्शन के बाद बच्चा बच गया, फिर बड़ा होकर बोले कि मैं पोएट बनना चाहता हूं।''
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