सुप्रिया पाठक: हर किरदार में जान डालने वाली अदाकारा की अनकही कहानी
सुप्रिया पाठक: एक बहुआयामी अभिनेत्री
मुंबई, 6 जनवरी। फिल्म उद्योग में कई ऐसे कलाकार हैं जो विभिन्न शैलियों में काम करके दर्शकों को प्रभावित करते हैं। इनमें से एक हैं सुप्रिया पाठक, जो टीवी की प्यारी 'हंसा' से लेकर फिल्म 'राम-लीला' की सख्त 'धनकोर बा' तक, हर भूमिका में पूरी तरह से समाहित हो जाती हैं। उनकी जीवंत और प्रभावशाली अदाकारी ने लाखों दर्शकों के दिलों में एक खास स्थान बना लिया है।
सुप्रिया का जन्म 7 जनवरी 1961 को हुआ था। उन्होंने कॉमेडी से लेकर नकारात्मक भूमिकाओं तक, हर तरह के किरदार को बखूबी निभाया है। उनके अभिनय को कई पुरस्कारों से नवाजा गया है, जिनमें तीन फिल्मफेयर अवार्ड भी शामिल हैं।
सुप्रिया की फिल्मी यात्रा की शुरुआत 1981 में 'कलयुग' से हुई, जिसमें उन्होंने सुभद्रा का किरदार निभाया। यह एक चुनौतीपूर्ण भूमिका थी, जिसके लिए उन्हें पहला फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस अवार्ड मिला।
1982 में आई फिल्म 'बाजार' में उन्होंने शबनम का किरदार निभाया, जो गरीबी और सामाजिक कुरीतियों से जूझती एक युवती का था। उनकी संवेदनशीलता ने इस किरदार को यादगार बना दिया। उसी वर्ष, रिचर्ड एटनबरो की फिल्म 'गांधी' में भी उन्होंने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
1987 में 'मिर्च मसाला' में उन्होंने एक मजदूर महिला का किरदार निभाया, जो गांव की महिलाओं की एकजुटता को दर्शाता है। 2005 में, लंबे समय बाद, उन्होंने 'सरकार' में वापसी की, जहां उन्होंने एक राजनीतिक परिवार की सदस्य का रोल किया।
2013 में, संजय लीला भंसाली की 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' में सुप्रिया ने धनकोर बा का नकारात्मक किरदार निभाया, जिसके लिए उन्हें फिर से फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस अवार्ड मिला।
सुप्रिया की पहचान टीवी शो 'खिचड़ी' की हंसा के रूप में भी है, जो एक साधारण गृहिणी का किरदार है। इस भूमिका ने उन्हें कॉमेडी की रानी बना दिया।
उनकी व्यक्तिगत जिंदगी की बात करें तो, सुप्रिया, अभिनेत्री दीना पाठक की बेटी और रत्ना पाठक शाह की बहन हैं। 1988 में, उन्होंने अभिनेता पंकज कपूर से विवाह किया। उनके दो बच्चे हैं, बेटी सनाह कपूर और बेटा रुहान कपूर।
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