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सुनील शेट्टी की जिंदगी के अनसुने किस्से: अंडरवर्ल्ड से धमकी और फिल्मी सफर

इस लेख में हम सुनील शेट्टी की जिंदगी के कुछ अनसुने किस्से साझा कर रहे हैं। जानें कैसे उन्होंने अंडरवर्ल्ड से मिली धमकियों का सामना किया, अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की, और महिमा चौधरी के साथ मजेदार किस्से। सुनील की कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह हमें उनके संघर्ष और सफलता की गहराई में ले जाती है।
 

1990 के दशक का खौफनाक अंडरवर्ल्ड


1990 के दशक में मुंबई में अंडरवर्ल्ड का आतंक इतना बढ़ गया था कि बड़े उद्योगपति और फिल्मी सितारे भी धमकी भरे फोन कॉल से डरते थे। इस दौरान एक बॉलीवुड अभिनेता को भी ऐसे कॉल्स का सामना करना पड़ा। यह सिलसिला लगभग डेढ़ साल तक चला, लेकिन एक दिन स्थिति गंभीर हो गई।


एक गैंगस्टर ने अभिनेता के पिता को गोली मारने की धमकी दी। तब तक अभिनेता ने इन धमकियों को नजरअंदाज किया था, लेकिन जब उनके पिता को निशाना बनाया गया, तो उन्होंने गैंगस्टर को उसी की भाषा में जवाब दिया। यह अभिनेता कोई और नहीं, बल्कि बॉलीवुड के 'अन्ना' सुनील शेट्टी थे, और धमकी देने वाला गैंगस्टर हेमंत पुजारी था।


मार्शल आर्ट्स में रुचि और पुलिस ट्रेनिंग

सुनील शेट्टी ने *द लल्लनटॉप* को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि जब वह 13 या 14 साल के थे, तब उन्होंने ब्रूस ली की फिल्मों से प्रेरित होकर मार्शल आर्ट्स सीखने का निर्णय लिया। उन्होंने क्रिकेट खेलते समय खुद को मजबूत बनाने के लिए मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग शुरू की।


15 साल की उम्र में, उनके *सेन्सेई* ने उन्हें अन्य छात्रों को ट्रेनिंग देने का काम सौंपा। इसके बाद, इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के जवान भी उनसे ट्रेनिंग लेने आने लगे। उन्होंने महाराष्ट्र पुलिस के जवानों को भी फिटनेस और दौड़ने की ट्रेनिंग दी।


फिल्मी सफर की शुरुआत

सुनील शेट्टी की पहली फिल्म, *आरज़ू*, की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी थी, लेकिन इसे रोक दिया गया। इसके बाद, उन्हें *बलवान* फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखने का मौका मिला। प्रमोशन के लिए कोई बड़ा बजट नहीं होने के कारण, उन्होंने अपने रेस्टोरेंट के स्टाफ के साथ मिलकर मुंबई की सड़कों पर फिल्म के पोस्टर चिपकाए।


एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि *बलवान* बॉक्स ऑफिस पर सफल रही, लेकिन कुछ आलोचकों ने उनकी एक्टिंग की कड़ी आलोचना की।


संजय दत्त के चुनाव प्रचार की मजेदार कहानी

पिछले साल, *द ग्रेट इंडियन कपिल शो* में सुनील शेट्टी ने बताया कि संजय दत्त एक बार चुनाव प्रचार के लिए राजी हो गए थे, लेकिन मजेदार बात यह थी कि जिस नेता के लिए उन्हें प्रचार करना था, वह उनके पिता सुनील दत्त के खिलाफ चुनाव लड़ रहा था।


संजय ने हंसते हुए कहा, "मैं भूल गया था।" इसके बाद, सुनील शेट्टी को प्रचार के लिए भेजा गया। जब सुनील दत्त को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने सुनील शेट्टी को घर बुलाया और कहा, "बेटा, तुम्हें मेरे बारे में भी सोचना चाहिए था।"


बॉर्डर फिल्म में काम करने का निर्णय

'बॉर्डर' सुनील शेट्टी की सबसे प्रसिद्ध फिल्मों में से एक मानी जाती है। हालांकि, उन्होंने पहले इसमें काम करने से मना कर दिया था। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उस समय जे.पी. दत्ता की छवि कुछ अलग थी, और उन्होंने सोचा कि अगर सेट पर उनकी बेइज्जती हुई, तो काम करना मुश्किल होगा।


लेकिन उनकी सास ने उन्हें सलाह दी कि वे पहले फिल्म की कहानी सुनें। इसके बाद, सुनील ने जे.पी. दत्ता से मिलकर स्क्रिप्ट सुनी और 'बॉर्डर' करने के लिए राजी हो गए।


कारगिल युद्ध के दौरान सैनिकों से मुलाकात

'बॉर्डर' की सफलता के बाद, सुनील शेट्टी कारगिल युद्ध के दौरान मिलिट्री हॉस्पिटल गए। वहां उन्होंने एक 19 साल के सैनिक से मुलाकात की, जिसने लड़ाई में अपना एक हाथ खो दिया था।


सैनिक ने कहा, "भैरव सिंह जी, मुझे वापस भेज दीजिए; मुझे दुश्मन को खत्म करना है।" यह सुनकर सुनील की आंखों में आंसू आ गए।


अंडरवर्ल्ड से मिली धमकी का सामना

सुनील शेट्टी ने बताया कि 1990 के दशक में उन्हें अंडरवर्ल्ड से धमकियां मिली थीं। गैंगस्टर हेमंत पुजारी ने उन्हें लगातार धमकाया। एक दिन, हेमंत ने सुनील के पिता को गोली मारने की धमकी दी।


सुनील ने गैंगस्टर को जवाब दिया, "तुम्हारे बारे में मुझे तुमसे ज़्यादा जानकारी है। मेरे पास तुमसे ज्यादा पैसा और बेहतर कनेक्शन हैं।"


महिमा चौधरी के साथ मजेदार किस्से

टीवी शो *जीना इसी का नाम है* में महिमा चौधरी ने बताया कि सुनील शेट्टी सेट पर मजाक करने के शौकीन हैं। उन्होंने एक जूनियर आर्टिस्ट को मुख्यमंत्री के रूप में तैयार किया था।


महिमा को इस साजिश के बारे में पता नहीं था, और जब उन्होंने सुनील के साथ मीटिंग की तैयारी की, तो यह सब एक मजाक निकला।


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