सुनील दत्त: भारत की विविधता को अपनी ताकत मानने वाले अभिनेता की जयंती पर खास बातें
सुनील दत्त की जयंती पर उनकी विचारधारा
नई दिल्ली, 6 जून। आज दिवंगत अभिनेता, सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुनील दत्त की जयंती है। एक पुरानी वीडियो क्लिप में, उन्होंने भारत की विविधता को उसकी असली ताकत बताया।प्रसार भारती के आर्काइव में साझा किए गए इस वीडियो में, सुनील दत्त ने कहा कि आज भी देश की एकता का आधार हमारे जज्बात हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि कुछ लोग स्वार्थ के लिए इन भावनाओं को भड़काते हैं, जिससे देश को नुकसान होता है और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अपील की कि लोग देश की भावनाओं का सम्मान करें और गलत रास्ते पर न चलें।
उन्होंने कहा, “कम से कम जज्बातों को ध्यान में रखते हुए और देश को प्राथमिकता देकर हमें गलत दिशा में नहीं जाना चाहिए।”
सुनील दत्त ने भारत की विविधता को एक अनमोल खजाना बताया। उनके अनुसार, हमारे देश में विभिन्न धर्म, भाषाएं, परिधान, रिवाज और लोकगीत हैं। जबकि दुनिया इसे एक अलग तरह का देश मानती है, उन्होंने इसे भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने इस विविधता को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इसे कभी भी विभाजन का कारण नहीं बनने देना चाहिए।
सुनील दत्त को केवल एक अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान के रूप में भी याद किया जाता है। उन्होंने जीवनभर सामाजिक सद्भाव, शांति और राष्ट्रीय एकता के लिए कार्य किया। बच्चों की सहायता से लेकर शांति मार्च तक, उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रयास किए।
.png)