सलमान खान की फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' पर चीन की आपत्ति और भारत का जवाब
MEA की प्रतिक्रिया: सलमान खान की फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान'
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता सलमान खान अपनी नई फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' के साथ 2026 में एक बड़ा धमाका करने की तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म का टीजर रिलीज होते ही चीन में हलचल मच गई है। चीन के सरकारी मीडिया ने फिल्म पर तथ्यों को तोड़ने का आरोप लगाया है, जिससे यह मामला कूटनीतिक स्तर तक पहुंच गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए चीन को स्पष्ट संदेश दिया है। यह फिल्म 2020 में गलवान घाटी में हुए भारत-चीन संघर्ष पर आधारित है, जिसके चलते दोनों देशों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है.
चीन की प्रतिक्रिया
सलमान खान के जन्मदिन पर 27 दिसंबर 2025 को 'बैटल ऑफ गलवान' का टीजर जारी किया गया। इस टीजर में भारतीय सैनिकों की बहादुरी और गलवान संघर्ष के दृश्य प्रदर्शित किए गए हैं। इसे देखने के बाद चीन के सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने फिल्म की आलोचना शुरू कर दी। चीन का कहना है कि यह फिल्म एकतरफा दृष्टिकोण प्रस्तुत कर रही है, जो हाल ही में सुधरे रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। चीनी विशेषज्ञों ने इसे 'प्रोपोगेंडा' करार दिया है.
भारतीय विदेश मंत्रालय का स्पष्टीकरण
चीन की आपत्ति के बाद, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्थिति स्पष्ट की। मंत्रालय ने कहा, "हमें इस तरह की फिल्म के निर्माण की जानकारी है। हालांकि, भारत में फिल्म निर्माण से संबंधित मामलों का ध्यान संबंधित प्राधिकरण रखते हैं। विदेश मंत्रालय का इस विषय में कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं है।" इस बयान ने चीन की उस कोशिश को एक बड़ा झटका दिया, जिसमें वह फिल्म पर रोक लगाने का प्रयास कर रहा था.
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
'बैटल ऑफ गलवान' के टीजर के जारी होने के बाद यह खबरें आईं कि पाकिस्तान में सलमान खान का नाम आतंक विरोधी कानून की चौथी सूची में डाल दिया गया है। हालांकि, जांच में यह खबरें गलत साबित हुईं.
फिल्म की कहानी
फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' जून 2020 में हुई हिंसक झड़प पर आधारित है। इसमें दिखाया गया है कि भारतीय सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में अपनी सीमाओं की रक्षा कैसे की। सलमान खान इस फिल्म में एक सैन्य अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं, और इसका निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं। टीजर में सलमान का एक्शन अवतार और देशभक्ति के संवादों ने दर्शकों के बीच उत्साह पैदा कर दिया है.
कला की स्वतंत्रता बनाम कूटनीति
यह पहली बार नहीं है जब किसी युद्ध आधारित फिल्म पर विवाद उठ रहा है। विदेश मंत्रालय ने अपने रुख में यह भी बताया कि सिनेमा इतिहास को अपने दृष्टिकोण से देखने का एक माध्यम है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन को इस बात का डर है कि यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलवान की सच्चाई को एक नए तरीके से प्रस्तुत करेगी, जिससे उसकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है.
रिलीज की तैयारी
इन सभी विवादों के बावजूद, फिल्म की टीम पीछे हटने को तैयार नहीं है। इसे 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा, और यह साल 2026 की सबसे बड़ी रिलीज में से एक मानी जा रही है.
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