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सनी देओल की भावुकता: 'बॉर्डर 2' के गाने के लॉन्च पर पिता की याद में रो पड़े

सनी देओल ने हाल ही में 'बॉर्डर 2' के गाने 'घर कब आओगे' के लॉन्च पर अपने पिता धर्मेंद्र को याद करते हुए भावुकता व्यक्त की। इस इवेंट में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत और पिता की प्रेरणा के बारे में बात की। सनी ने बताया कि कैसे उन्होंने 'हकीकत' फिल्म देखकर 'बॉर्डर' में काम करने का निर्णय लिया। इस दौरान उनकी भावुकता ने सभी को छू लिया। जानें इस इवेंट की और खास बातें।
 
सनी देओल की भावुकता: 'बॉर्डर 2' के गाने के लॉन्च पर पिता की याद में रो पड़े

सनी देओल की भावनाएं: 'बॉर्डर 2' का गाना लॉन्च

सनी देओल की भावुकता: बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित मल्टीस्टारर फिल्म 'बॉर्डर 2' इस गणतंत्र दिवस पर रिलीज होने के लिए तैयार है। इस फिल्म में सनी देओल, दिलजीत दोसांझ, आहान शेट्टी, और वरुण धवन मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का पहला गाना 'घर कब आओगे' हाल ही में राजस्थान के जैसलमेर में तनोट के एम्फीथिएटर में लॉन्च किया गया। इस अवसर पर सनी देओल अपने पिता धर्मेंद्र को याद करते हुए भावुक हो गए और उनकी याद में आंसू बहाए। उन्होंने इस मौके पर अपने पिता से जुड़ा एक दिल छू लेने वाला किस्सा भी साझा किया।


पिता की प्रेरणा से फिल्म में काम किया


गाने के लॉन्च इवेंट में सनी ने बताया कि उन्होंने अपने पिता धर्मेंद्र की फिल्म 'हकीकत' देखने के बाद ही 1997 में आई फिल्म 'बॉर्डर' में काम करने का निर्णय लिया था। बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'जब से मैंने 'बॉर्डर' फिल्म की है, मैं आपके परिवार का हिस्सा बन गया हूं। मैंने 'बॉर्डर' इसलिए की थी क्योंकि मुझे बचपन में 'हकीकत' बहुत पसंद आई थी। मैंने तय कर लिया था कि जब मैं बड़ा होऊंगा, तो अपने पिता की तरह ऐसी फिल्म में काम करूंगा।'


सनी का आत्मविश्वास बढ़ाने वाला अनुभव


सनी ने आगे कहा, 'जब मैं एक अभिनेता बना, तब मैंने जेपी दत्ता से लोंगेवाला की लड़ाई पर फिल्म बनाने की बात की। हमने इसे बनाने का निर्णय लिया। यह फिल्म आज भी आपके दिलों में बसी हुई है। मुझे नहीं पता था कि हम इतने युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करेंगे।'



सनी की भावुकता का क्षण


इस दौरान सनी देओल भावुक हो गए और उन्होंने कहा, 'मैं इस समय और कुछ नहीं कह सकता, क्योंकि मेरा दिमाग थोड़ा हिला हुआ है।' इसके बाद उन्होंने 'बॉर्डर 2' में अपने प्रसिद्ध डायलॉग 'आवाज कहां तक पहुंचनी चाहिए? लाहौर तक' के साथ अपनी बात समाप्त की।


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