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संजय दत्त की जेल की यादें: खाने में कीड़े और कठिनाईयों का सामना

संजय दत्त ने हाल ही में फिल्म 'धुरंधर' में अपने किरदार से दर्शकों का दिल जीत लिया है। इस फिल्म ने 1200 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। संजय ने जेल में बिताए दिनों की कठिनाइयों को साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें खाने में कीड़े और मकोड़े मिलते थे। जानें उनके अनुभव और संघर्ष के बारे में, जो उन्होंने जेल में बिताए समय के दौरान सहा।
 
संजय दत्त की जेल की यादें: खाने में कीड़े और कठिनाईयों का सामना

फिल्म धुरंधर में संजय दत्त का शानदार प्रदर्शन

संजय दत्त हाल ही में फिल्म 'धुरंधर' में दिखाई दिए हैं, जो कि चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके द्वारा निभाया गया किरदार, एसपी चौधरी असलम, दर्शकों को बहुत पसंद आया है। इस फिल्म ने 30 दिनों में 1200 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया है। इस सफलता के बीच, हम संजय दत्त के एक पुराने बयान पर चर्चा करेंगे, जिसमें उन्होंने अपने जेल के अनुभवों को साझा किया था।


संजय दत्त को मिली थी 5 साल की सजा

1993 में हुए बम विस्फोट के मामले में संजय दत्त का नाम तब आया जब उनके घर से एके 56 राइफल बरामद हुई थी। इसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया और उन्हें 5 साल की सजा सुनाई गई। येरवडा जेल से रिहा होने के बाद, उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से उन्हें अकेले रखा गया था और जेल में बिताए समय को याद करते हुए वह भावुक हो गए।


जेल में खाने की स्थिति

संजय दत्त ने खुलासा किया कि जेल में उन्हें ऐसा खाना दिया जाता था, जिसे कोई जानवर भी नहीं खा सकता था। उन्होंने बताया कि उनके खाने में कीड़े और मकोड़े होते थे, लेकिन प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने मजबूरी में उसे खाया। इसके अलावा, उन्होंने एक साल तक केवल चने की दाल खाई, जिसे भी कोई नहीं खाता। जेल में रहते हुए उनका वजन 100 किलो से घटकर 40 किलो हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कोई विशेष ट्रीटमेंट नहीं मिला, बल्कि अन्य कैदियों की तरह ही बुरा बर्ताव सहना पड़ा।


जेल में जाने का कारण

1993 में जब संजय दत्त के घर की तलाशी ली गई, तब एके 56 राइफल मिली थी। इसके बाद उन्हें अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कुछ समय के लिए उन्हें जमानत मिली, लेकिन एक महीने बाद फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। 2006 में उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया और कोर्ट ने उन्हें 6 साल की सजा सुनाई। अंततः, उन्हें 2016 में रिहा कर दिया गया।


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