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श्रेया घोषाल का नया वर्जन 'जन गण मन': एक भावुक प्रस्तुति

प्रसिद्ध गायिका श्रेया घोषाल ने हाल ही में राष्ट्रगान 'जन गण मन' का एक विशेष संस्करण प्रस्तुत किया है। उन्होंने इस अवसर पर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह उनके लिए एक भावुक क्षण है। श्रेया ने अपने करियर में कई भाषाओं में गाने गाए हैं और उन्हें कई पुरस्कार भी मिले हैं। जानें उनके इस नए प्रोजेक्ट के बारे में और कैसे उन्होंने इसे अपने फैंस के लिए पेश किया।
 

श्रेया घोषाल का राष्ट्रगान में नया स्वर


मुंबई, 11 अगस्त। प्रसिद्ध गायिका श्रेया घोषाल ने हाल ही में राष्ट्रगान 'जन गण मन' का एक विशेष संस्करण प्रस्तुत किया है। इस अवसर पर उन्होंने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए बताया कि उनके लिए राष्ट्रगान गाना हमेशा एक गहन अनुभव रहा है।


श्रेया ने मीडिया से बातचीत में कहा, ''एक कलाकार के लिए इससे बड़ा सम्मान क्या हो सकता है कि उसे ऐसे गीत को गाने का मौका मिले, जो पूरे देश को एकजुट करता है? मुझे खुशी है कि मेरी यह प्रस्तुति अब सभी के लिए उपलब्ध है। मैं चाहती हूं कि लोग इसे अपने तरीके से महसूस करें और राष्ट्रगान के प्रति अपने भावनात्मक संबंध को और मजबूत करें।''


उन्होंने अपने इस विशेष प्रोजेक्ट को सोशल मीडिया पर भी साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा, ''यह मेरे लिए गर्व और सम्मान का क्षण है। प्रस्तुत है 'जन गण मन' का मेरा संस्करण।''


श्रेया घोषाल ने भारतीय संगीत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने हिंदी के अलावा बंगाली, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़ और मराठी जैसी 20 से अधिक भाषाओं में 3,000 से ज्यादा गाने गाए हैं। उनका करियर 2002 में संजय लीला भंसाली की फिल्म 'देवदास' से शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने 'बैरी पिया', 'सिलसिला ये चाहत का', 'डोला रे डोला', 'मोरे पिया' और 'काहे छेड़ मोहे' जैसे हिट गाने गाए। इस फिल्म के गानों ने उन्हें रातोंरात प्रसिद्धि दिलाई।


अपने लंबे करियर में श्रेया ने 'तेरी ओर', 'पियू बोले', 'जादू है नशा है', 'बरसो रे', 'सामझवां', 'दीवानी मस्तानी', 'तुम क्या मिले', 'वे कमलेया' और 'सुन रहा' जैसे कई यादगार गाने गाए हैं और अपने अद्भुत गायन के लिए कई पुरस्कार भी जीते हैं, जिनमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी शामिल हैं।


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