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शबाना आजमी का जीवन: क्या अभी भी बाकी हैं अनुभवों के कई रंग?

शबाना आजमी, जो कि एक राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री हैं, का मानना है कि उनके जीवन में अभी भी कई अनुभव बाकी हैं। अपने पांच दशकों के करियर में, उन्होंने 160 से अधिक फिल्मों में काम किया है। शबाना का कहना है कि यह सोचना कि उन्होंने सब कुछ देख लिया है, एक गलतफहमी होगी। जानें उनके विचार और करियर की यात्रा के बारे में।
 

शबाना आजमी का अनोखा दृष्टिकोण

शबाना आजमी का जीवन: क्या अभी भी बाकी हैं अनुभवों के कई रंग?


मुंबई, 02 अप्रैल (वेब वार्ता)। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शबाना आजमी का मानना है कि जीवन के कई अनुभव अभी भी उनके लिए बाकी हैं। अपने पांच दशकों से अधिक के करियर के बावजूद, अभिनेत्री का कहना है कि यह सोचना कि उन्होंने सब कुछ देख लिया है, एक गलतफहमी होगी।


एक बातचीत में शबाना ने कहा, "यह मानना कि मैंने सब कुछ अनुभव कर लिया है, अवास्तविक होगा। हां, मैं अब उतना रोमांचक काम नहीं कर सकती, लेकिन मैं फिर भी कुछ नया करना चाहती हूं। मुझे ज्यादा कुछ नहीं चाहिए।"


शबाना आजमी ने 1974 में श्याम बेनेगल की फिल्म 'अंकुर' से अपने करियर की शुरुआत की थी। अपने 50 साल के करियर में, उन्होंने 160 से अधिक फिल्मों में काम किया है, जिनमें से अधिकांश स्वतंत्र सिनेमा और नवयथार्थवादी समानांतर फिल्मों से संबंधित हैं। इसके अलावा, उन्होंने मुख्यधारा की बॉलीवुड फिल्मों और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।


अभिनेत्री शबाना आजमी को उनके मजबूत और असामान्य महिला किरदारों के लिए जाना जाता है। उन्होंने अब तक पांच बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता है और 1998 में पद्म श्री तथा 2012 में पद्म भूषण से भी सम्मानित हो चुकी हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई ऐसी भूमिका है जिसे न निभा पाने का उन्हें अफसोस है, तो उन्होंने दिलचस्प जवाब दिया।


शबाना ने कहा, "मेरी एक दोस्त कहती है कि मेरी आदत अजीब है। कभी-कभी मैं सोचती हूं, अच्छा हुआ मैंने वो फिल्म नहीं की। वह पूछती है, क्या तुम्हें वो फिल्म ऑफर हुई थी? मैं कहती हूं नहीं। फिर वह कहती है, तो तुम क्यों खुश हो? मेरे दिमाग में ख्याल आता है कि अच्छा हुआ मैं उस फिल्म का हिस्सा नहीं बनी, लेकिन जब मुझे वो मिली ही नहीं, तो मैं क्या कर सकती हूं?"


उन्हें आखिरी बार आर बाल्की की स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म 'घूमर' में देखा गया था, जिसमें अभिषेक बच्चन, सैयामी खेर और अंगद बेदी भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में थे।


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