शक्ति कपूर: बॉलीवुड के दिग्गज खलनायक की अनकही कहानी
शक्ति कपूर का प्रारंभिक जीवन
मुंबई, 3 सितंबर (वेब वार्ता)। शक्ति कपूर का जन्म 3 सितंबर 1952 को दिल्ली में हुआ। उनका असली नाम सुनील सिकंदरलाल कपूर है। सुनील दत्त के सुझाव पर उन्होंने अपना स्क्रीन नाम बदला और रॉकी के रूप में पहचान बनाई।
शक्ति कपूर का करियर
बॉलीवुड के प्रसिद्ध खलनायक शक्ति कपूर का जन्म एक पंजाबी परिवार में हुआ। उन्होंने किरोड़ीमल कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अभिनय की कला सीखी। मुंबई में कदम रखते ही उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में संघर्ष का सामना करना पड़ा।
शक्ति कपूर ने अपने करियर की शुरुआत में कई छोटी भूमिकाएं निभाईं। इसी दौरान, सुनील दत्त ने उन्हें देखा और अपने बेटे संजय दत्त की पहली फिल्म रॉकी में विलेन का किरदार निभाने का प्रस्ताव दिया। सुनील दत्त ने उन्हें सलाह दी कि उनका असली नाम विलेन की छवि के लिए उपयुक्त नहीं है, जिसके बाद उन्होंने शक्ति कपूर नाम अपनाया। रॉकी में उनकी भूमिका ने उनके करियर को नई दिशा दी।
विलेन से कॉमेडी तक
1980 और 1990 का दशक शक्ति कपूर के लिए महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने खलनायक के किरदारों में अपनी पहचान बनाई और साथ ही कॉमेडी में भी दर्शकों को हंसाया। उनकी यादगार फिल्मों में कुर्बानी, राजा बाबू, साजन चले ससुराल, हीरो नंबर 1 और अंखियों से गोली मारे शामिल हैं। राजा बाबू में नंदू के किरदार के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड भी मिला।
700 से अधिक फिल्मों में योगदान
शक्ति कपूर का किरदार क्राइम मास्टर गोगो फिल्म अंदाज अपना अपना में आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय है। उन्होंने अपने करियर में 700 से अधिक फिल्मों में काम किया। गोविंदा और कादर खान के साथ उनकी कॉमेडी जोड़ी को दर्शकों ने खूब सराहा। तोहफा में आओ लोलिता और चालबाज में बटुकनाथ जैसे किरदार भी उनकी पहचान बने।
निजी जीवन
शक्ति कपूर ने अभिनेत्री शिवांगी कोल्हापुरी से विवाह किया और उनके दो बच्चे हैं, सिद्धांत कपूर और श्रद्धा कपूर। उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस के पांचवें सीजन में भी भाग लिया, जिससे उन्होंने टेलीविजन और रियलिटी शो में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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