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राज कुमार का दिलचस्प किस्सा: दिलीप कुमार के लिए रात डेढ़ बजे पहुंचे घर!

इस लेख में हम आपको एक दिलचस्प किस्सा बताएंगे जब राज कुमार ने दिलीप कुमार की फिल्म 'गंगा जमुना' देखकर रात डेढ़ बजे उनके घर जाकर उनकी तारीफ की। रजा मुराद द्वारा साझा की गई इस घटना ने दिलीप कुमार को भी चकित कर दिया। जानें इस फिल्म की कहानी और दोनों दिग्गज कलाकारों के बीच के रिश्ते के बारे में।
 

राज कुमार की दिलीप कुमार के प्रति प्रशंसा




मुंबई, 7 अक्टूबर। प्रसिद्ध अभिनेता राज कुमार की आवाज और संवाद अदायगी का अंदाज ऐसा था कि वह दर्शकों का ध्यान तुरंत खींच लेते थे। वह अपने पसंदीदा कलाकारों की प्रशंसा करने में कभी संकोच नहीं करते थे। दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा अभिनेता रजा मुराद ने साझा किया।


रजा मुराद ने एक साक्षात्कार में बताया कि राज कुमार दिलीप कुमार के अभिनय के बड़े प्रशंसक थे। एक बार, उन्होंने दिलीप कुमार की फिल्म 'गंगा जमुना' थिएटर में देखी। फिल्म में दिलीप की अदाकारी ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि वह रात करीब डेढ़ बजे उनके घर पहुंच गए। उन्होंने दिलीप कुमार को बुलाकर कहा, 'जानी युसूफ खान, मैं आपकी फिल्म 'गंगा जमुना' देखकर आया हूं और आज हमें पता चला कि इस देश में सिर्फ दो ही अभिनेता हैं, राज कुमार और दिलीप कुमार।'


रजा मुराद ने बताया कि यह कहकर राज कुमार वहां से चले गए, जिससे दिलीप कुमार भी चकित रह गए।


'गंगा जमुना' 1961 में रिलीज हुई थी, जिसमें दिलीप कुमार ने बड़े भाई गंगा और नासिर खान ने छोटे भाई जमुना का किरदार निभाया था। दोनों भाइयों का पालन-पोषण उनकी गरीब विधवा मां ने किया। गंगा अपने छोटे भाई को पढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत करता है, जबकि जमुना पढ़ाई करके पुलिस अधिकारी बन जाता है। गंगा विपरीत परिस्थितियों के कारण डाकू बनने पर मजबूर हो जाता है।


कहानी में दोनों भाइयों के बीच संघर्ष को दर्शाया गया है, जहां कानून और कर्तव्य के साथ-साथ भाई का प्यार भी है।


दिलीप कुमार और राज कुमार ने बाद में फिल्म 'सौदागर' में भी साथ काम किया, जो 1991 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में दोनों दिग्गज कलाकारों को एक साथ देखना दर्शकों के लिए एक विशेष अनुभव था। दिलीप कुमार का गंभीर अभिनय और राज कुमार की विशेष आवाज ने फिल्म को दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया।


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