रजत बेदी ने साझा की पिता की यादें और फिल्मी विरासत की कहानी
रजत बेदी का भावुक इंटरव्यू
मुंबई, 21 जून। प्रसिद्ध अभिनेता रजत बेदी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने बचपन, पिता की यादों और परिवार की फिल्मी धरोहर के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि अपने पिता को बहुत कम उम्र में खोने का दर्द आज भी उनके दिल में बसा हुआ है, और यही अनुभव उन्हें हर परिस्थिति में मजबूत और संवेदनशील बनाता है।
रजत ने कहा, ''मेरे जीवन में पिता का साथ बहुत कम समय के लिए था। जब मैं 9 साल का था, तब मैंने अपने पिता को खो दिया। उस समय मुझे यह समझ नहीं आया कि पिता का जीवन में क्या महत्व होता है, लेकिन जैसे-जैसे मैं बड़ा हुआ और अन्य बच्चों को उनके पिता के साथ देखता था, तब मुझे एक खालीपन का एहसास होता था। यह भावना धीरे-धीरे मेरे अंदर गहराई से बैठ गई कि पिता का प्यार कितना आवश्यक होता है।''
उन्होंने आगे कहा, ''समय के साथ यह भावना और भी गहरी होती गई कि भले ही मेरे पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ है। जब भी मैं किसी कठिनाई का सामना करता हूं या असफलता का सामना करता हूं, तो मुझे ऐसा लगता है जैसे मेरे पिता अदृश्य रूप से मुझे सहारा दे रहे हैं और आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान कर रहे हैं। वह हर मुश्किल से उबरने में मेरी मदद कर रहे हैं।''
अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए रजत ने कहा, ''मेरे पिता के साथ बिताया गया समय बहुत सीमित था, लेकिन जो भी समय मिला वह मेरे लिए अनमोल था। कभी-कभी मैं उनके साथ शूटिंग पर जाता था और उनके साथ कुछ पल बिताने का अवसर मिलता था। वह मुझे प्यार से गले लगाते थे और मेरे साथ खेलते थे। हालांकि वह बहुत व्यस्त रहते थे, क्योंकि वे फिल्म इंडस्ट्री में एक प्रमुख निर्माता और निर्देशक थे, लेकिन उन थोड़े से पलों की यादें आज भी मेरे दिल में ताजा हैं।''
रजत ने अपने परिवार की फिल्मी और साहित्यिक विरासत के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, ''मेरा परिवार कला और सिनेमा की दुनिया में काफी प्रतिष्ठित रहा है। मेरे दादा राजिंदर सिंह बेदी एक प्रसिद्ध उर्दू साहित्यकार थे, जिन्होंने भारतीय साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया और कई महान लेखकों और फिल्मकारों के साथ काम किया।''
उन्होंने कहा, ''मेरे पिता नरेंद्र बेदी भी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने निर्देशक थे। उन्होंने अपने करियर में कई बड़े सितारों के साथ काम किया और हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। मेरे परिवार ने हमेशा मेहनत और कला को महत्व दिया है, और अब मैं उसी विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा हूं। यह मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है कि मैं अपने परिवार के नाम और काम को आगे लेकर जाऊं।''
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