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मनोज बाजपेयी ने ओटीटी प्लेटफॉर्म के महत्व पर की चर्चा, कहा- 'यहां कलाकारों को मिल रहा है सम्मान'

मनोज बाजपेयी ने हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म के महत्व पर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि कैसे इस माध्यम ने उन कलाकारों को पहचान और सम्मान दिया है, जिन्हें पारंपरिक फिल्मों में अवसर नहीं मिलते थे। मनोज ने ओटीटी के प्रभाव को सकारात्मक बताया और कहा कि इससे काम मिलने की प्रक्रिया में तेजी आई है। उनकी चर्चित वेब सीरीज 'द फैमिली मैन' भी इस बदलाव का एक उदाहरण है। जानें और क्या कहा मनोज ने इस बारे में।
 

मनोज बाजपेयी की ओटीटी पर राय




मुंबई, 28 अक्टूबर। अभिनेता मनोज बाजपेयी इन दिनों नेटफ्लिक्स पर प्रसारित हो रही 'गजब रात' के लिए चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में ओटीटी प्लेटफॉर्म की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।


मनोज ने बताया कि ओटीटी ने कई कलाकारों के लिए नए अवसर प्रदान किए हैं, विशेषकर उन लोगों के लिए जो पारंपरिक फिल्मों में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं पा रहे थे। अब उन्हें पहचान और सम्मान मिल रहा है।


उन्होंने कहा, 'देखिए, पहले कई कलाकारों को काम नहीं मिलता था। पुरुष कलाकारों को भी मुख्यधारा की फिल्मों में अवसर नहीं मिलते थे। लेकिन अब ओटीटी पर उन्हें सम्मान मिल रहा है और उनकी जिंदगी में स्थिरता आ रही है।'


मनोज ने ओटीटी के प्रभाव पर बात करते हुए कहा कि इस प्लेटफॉर्म के आने से काम मिलने की प्रक्रिया में तेजी आई है। उन्होंने कहा, 'मैंने देखा है कि ओटीटी के आगमन के बाद चीजें तेजी से और नियमित रूप से हो रही हैं।'


मनोज बाजपेयी को फिल्म 'सत्या' में भीखू म्हात्रे के किरदार से पहचान मिली। इसके बाद 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में सरदार खान और 'अलीगढ़' में प्रोफेसर रामचंद्र सिरास के रूप में उनकी अदाकारी को सराहा गया। उन्होंने 'भोंसले' में एक वृद्ध पुलिस कांस्टेबल की भूमिका निभाकर भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।


इसके अलावा, मनोज की वेब सीरीज 'द फैमिली मैन' ओटीटी की दुनिया में काफी लोकप्रिय रही है, जिसमें उन्होंने खुफिया अधिकारी श्रीकांत तिवारी का किरदार निभाया।


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