बिग बॉस-20 में मैरी कॉम का दिल छू लेने वाला खुलासा: संघर्ष और हिम्मत की कहानी
मैरी कॉम का संघर्ष और हिम्मत
मुंबई, 24 सितंबर। विश्व चैंपियन बॉक्सिंग स्टार मैरी कॉम वर्तमान में 'बिग बॉस-20' में भाग ले रही हैं। इस शो के दौरान, उन्होंने साझा किया कि उनके जीवन में एक ऐसा कठिन समय आया था, जब उन्होंने सब कुछ समाप्त करने का विचार किया, लेकिन अपने छोटे बच्चों के लिए उन्होंने हार नहीं मानी।
मैरी कॉम ने अपने साथी प्रतियोगियों ईशा रिखी, रीति तिवारी और कनिका मान के साथ अपने संघर्षों के बारे में चर्चा की। उन्होंने बताया कि भले ही लोग उन्हें बॉक्सिंग रिंग में उनकी ताकत के लिए जानते हैं, लेकिन उनके जीवन में ऐसे क्षण भी आए हैं जब वे पूरी तरह से टूट गई थीं।
उन्होंने कहा, "मैंने अपने जीवन में बहुत कुछ सहा है। मैंने अपने परिवार, राज्य और देश के लिए कई बलिदान दिए हैं। मेरी तरह कौन लड़ सकता है? यह एक बड़ी चुनौती है। मैं एक एथलीट हूं, जो मेडल जीतने की चाह रखती है; मेरे लिए एक या दो मेडल पर्याप्त नहीं हैं। मेरे अंदर अभी भी जीतने की भूख है, लेकिन उम्र के कारण अब मैं प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले सकती।"
बातचीत के दौरान, मैरी कॉम ने यह भी बताया कि अब उनके लिए अपनी भावनाओं को व्यक्त करना कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि पहले वह बहुत रोती थीं, लेकिन अब उन्हें अपने आंसू रोकने की आवश्यकता महसूस होती है। उन्होंने कहा, "मैंने बहुत रोया है। अब मुझे धीरे-धीरे अपने आंसू अंदर खींचने होंगे।"
मैरी कॉम भारत की सबसे सफल बॉक्सर्स में से एक हैं, जिन्होंने अपने अद्भुत करियर और संघर्षों के माध्यम से देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने 6 बार (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018) महिला विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक जीता है। वह विश्व चैंपियनशिप में 8 पदक जीतने वाली एकमात्र मुक्केबाज हैं और पांच बार एशियाई मुक्केबाजी चैंपियन भी रह चुकी हैं।
मणिपुर के बॉक्सर डिंग्को सिंह से प्रेरित होकर उन्होंने बॉक्सिंग को चुना, लेकिन शुरुआत में उनके पिता इसके खिलाफ थे। उन्होंने छिपकर प्रशिक्षण लिया और कई आर्थिक कठिनाइयों का सामना किया।
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