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बंगाल मुक्ति महायज्ञ: विनोद बंसल ने उठाई सुरक्षा और शांति की चिंता

नई दिल्ली में आयोजित बंगाल मुक्ति महायज्ञ में विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने बंगाल की बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बाहरी घुसपैठ, वैदिक संस्कृति पर हमलों और कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की। बंसल ने राज्य सरकार की नीतियों को भी आलोचना का निशाना बनाया और महायज्ञ के माध्यम से लोगों का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। जानें इस महायज्ञ का महत्व और बंसल की प्रार्थना के पीछे की भावना।
 
बंगाल मुक्ति महायज्ञ: विनोद बंसल ने उठाई सुरक्षा और शांति की चिंता

बंगाल मुक्ति महायज्ञ का आयोजन




नई दिल्ली, 12 अप्रैल। विश्व हिंदू परिषद ने आर्यसमाज गोविंदपुरी में बंगाल मुक्ति महायज्ञ का आयोजन किया, जिसमें बंगाल में शांति और सुरक्षा के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने बंगाल की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की।


बंसल ने कहा, ''यह महायज्ञ इसलिए आवश्यक था क्योंकि बंगाल की स्थिति लगातार deteriorate हो रही है। स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1870 के आसपास बंगाल में वेदों का प्रचार किया था, लेकिन अब वहां की स्थिति बदल गई है।''


उन्होंने आगे कहा, ''बंगाल में बाहरी घुसपैठ एक गंभीर समस्या बन चुकी है। बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए वहां की पहचान और संस्कृति को प्रभावित कर रहे हैं। वैदिक संस्कृति और धार्मिक आस्थाओं पर हमले हो रहे हैं, जिससे समाज में असुरक्षा का माहौल बन रहा है।''


बंसल ने कानून व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, ''अब ऐसा लगता है कि न्यायपालिका भी वहां पूरी तरह सक्रिय नहीं है। बंगाल की स्थिति अब बांग्लादेश जैसी हो गई है।''


राजनीतिक दृष्टिकोण से भी उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधा। बंसल ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण बंगाल की स्थिति और बिगड़ रही है। उन्होंने कहा, ''राज्य सरकार बंगाल को बांग्लादेश में बदलने की कोशिश कर रही है। इससे समाज चिंतित है, और इसी कारण इस महायज्ञ का आयोजन किया गया ताकि लोगों का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया जा सके।''


उन्होंने कहा, ''बंगाल एक पवित्र भूमि रही है, जहां कई वीरों और वीरांगनाओं ने देश की आजादी के लिए बलिदान दिया। अब समय आ गया है कि राज्य को मौजूदा हालात से बाहर निकाला जाए। हमने महायज्ञ में भगवान से प्रार्थना की कि बंगाल में शांति और स्थिरता बनी रहे और वहां के लोग सुरक्षित महसूस करें।''


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