फिल्म 'काला हिरण' पर बढ़ते विवाद के बीच अमित जानी ने उठाई सुरक्षा की मांग
फिल्म 'काला हिरण' के निर्माता की सुरक्षा चिंताएं
मुंबई, 18 जून। फिल्म 'काला हिरण' को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इसके निर्माता अमित जानी ने कहा है कि उन्हें फिल्म की रिलीज से पहले लगातार धमकियां मिल रही हैं। उनका आरोप है कि उन्हें विभिन्न स्रोतों से धमकी भरे फोन और संदेश प्राप्त हो रहे हैं।
इस विषय पर बातचीत करते हुए, अमित जानी ने अपनी चिंताओं को साझा किया और बताया कि उन्हें किस प्रकार की धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा, ''हमने 'काला हिरण' का टीजर जारी किया है। सलमान खान ने हमारी फिल्म को रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। मामले की सुनवाई 19 जुलाई को होगी। पहले भी मुझे डी कंपनी के नाम से कई धमकियां मिली हैं। हमने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया, क्योंकि यह उनके टूलकिट गैंग का हिस्सा है। सलमान कानूनी कार्रवाई का दिखावा कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर धमकियां भी दिलवा रहे हैं।''
अमित जानी ने आगे कहा, ''जब मैं रात 12 बजे जोधपुर पहुंचा, तो शहजाद भट्टी, जिसे भारतीय एजेंसियों ने आतंकवादी घोषित किया है, ने मुझे मैसेज किया। मैंने जवाब नहीं दिया तो उसने फिर से संपर्क किया। उसने कहा कि वह जानता है कि मैं जोधपुर में हूं। इससे मुझे लगा कि वह मेरी निगरानी कर रहा है। इससे पहले लॉरेंस बिश्नोई ने मेरे घर और ऑफिस पर हमले की योजना बनाई थी। हरियाणा के डीजीपी ने भी बताया था कि चार गैंग मुझे मारने की योजना बना रहे हैं। इसी कारण मुझे गृह मंत्रालय से सुरक्षा मिली है।''
उन्होंने कहा, ''शहजाद भट्टी ने मुझे 20 से 25 मैसेज किए, जिसमें उसने हथियारों की तस्वीरें भेजी और कहा कि न तो लॉरेंस बिश्नोई से दोस्ती है और न ही सलमान खान से दुश्मनी। उसने कहा कि अगर मैं उनके साथ दोस्ती करूं तो वे मुझसे ज्यादा पैसे देंगे। अगर दुश्मनी की तो वे मुझे कहीं भी मार सकते हैं। उसने मुझे धमकी दी कि अगर फिल्म रिलीज हुई तो उसके साथ दुश्मनी हो जाएगी।''
अमित जानी ने कहा, ''मैंने गृह मंत्री, गृह मंत्रालय, राजस्थान के डीजीपी और जोधपुर के पुलिस आयुक्त को सभी धमकियों की जानकारी दे दी है। मैं उदयपुर जा रहा हूं और वहां के एसएसपी को भी सूचित करूंगा। मैंने सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी इस बारे में बताया है।''
उन्होंने कहा, ''मैं एक फिल्म बना रहा हूं, गैंगवार नहीं। मुझे पाकिस्तान, कश्मीर और दिल्ली से धमकियां मिलती हैं। इनमें जान से मारने की धमकियां शामिल हैं। अगर किसी को रोज 1,000 धमकियां मिलें, तो उसकी मानसिक स्थिति पर क्या असर पड़ेगा, आप खुद समझ सकते हैं।''
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