फिल्म इंडस्ट्री पर आयकर विभाग की नजर: प्राइम फोकस और सीए के ठिकानों पर छापेमारी
आयकर विभाग की कार्रवाई का नया अध्याय
मुंबई, 7 अक्टूबर। फिल्म उद्योग से संबंधित वित्तीय जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। इस संदर्भ में, आयकर विभाग ने बुधवार की सुबह प्राइम फोकस नामक कंपनी और उसके चार्टर्ड अकाउंटेंट से जुड़े स्थानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। यह कार्रवाई अभी भी जारी है।
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले सप्ताह फिल्मी हस्तियों के ठिकानों पर हुई छापेमारी में मिले सबूतों के आधार पर की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि आयकर विभाग की टीम प्राइम फोकस और उसके चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकानों पर वित्तीय दस्तावेज, अकाउंटिंग रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक कागजात की जांच कर रही है। हालांकि, इस कार्रवाई पर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
प्राइम फोकस फिल्म इंडस्ट्री में वीएफएक्स और पोस्ट-प्रोडक्शन के क्षेत्र में एक प्रमुख कंपनी मानी जाती है। इसके संस्थापक नामित मल्होत्रा हैं। फिल्म निर्माण में वीएफएक्स, पोस्ट-प्रोडक्शन और विजुअल इफेक्ट्स का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए, कंपनी और उससे जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की जांच को फिल्म प्रोडक्शन से जुड़े बड़े लेन-देन के संदर्भ में देखा जा रहा है।
इस नई कार्रवाई का संबंध पिछले सप्ताह हुई आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई से बताया जा रहा है। 28 सितंबर को, आयकर विभाग ने अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह, फिल्म निर्माता वाशु भगनानी और पैनोरमा स्टूडियोज से जुड़े मुंबई के करीब 12 स्थानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया था। रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान अकाउंट बुक्स, डिजिटल डेटा और विभिन्न वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों की जांच और जब्ती की गई थी।
पिछली कार्रवाई के पीछे फिल्म फाइनेंसिंग से जुड़ी कथित वित्तीय गड़बड़ियों की जांच की बात सामने आई थी। आयकर विभाग की जांच का मुख्य फोकस फिल्म प्रोजेक्ट्स के खर्च को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने, प्रोडक्शन से जुड़े खर्चों में अनियमितता और शूटिंग या विदेशी वितरण के नाम पर विदेश में धन भेजने जैसे आरोपों पर है। हालांकि, इन आरोपों की अभी जांच चल रही है और किसी भी व्यक्ति या कंपनी के खिलाफ दोष साबित नहीं हुआ है।
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