Movie prime

फिरोज खान: बॉलीवुड के इस दिग्गज अभिनेता की अनकही कहानी और विवाद

फिरोज खान, बॉलीवुड के एक दिग्गज अभिनेता, का जन्म 25 सितंबर 1939 को बेंगलुरु में हुआ। उन्होंने 1959 में फिल्म 'दीदी' से अपने करियर की शुरुआत की और 'कुर्बानी' जैसी चर्चित फिल्मों में काम किया। उनकी निजी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए, जिसमें एयर होस्टेस ज्योतिका के साथ उनका रिश्ता और 1985 में सुंदरी खान से तलाक शामिल है। फिरोज खान का निधन 2009 में हुआ, लेकिन वे आज भी अपने अभिनय और स्टाइल के लिए याद किए जाते हैं।
 

फिरोज खान का फिल्मी सफर और निजी जीवन

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता फिरोज खान को उनकी अद्वितीय स्क्रीन प्रेजेंस, स्टाइल और प्रभावशाली अभिनय के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने न केवल अभिनय में बल्कि फिल्म निर्माण और निर्देशन में भी अपनी छाप छोड़ी। हालांकि, उनकी निजी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए।



25 सितंबर को फिरोज खान की जयंती के अवसर पर, आइए उनके फिल्मी करियर और व्यक्तिगत जीवन की कुछ महत्वपूर्ण बातें जानते हैं।
बेंगलुरु में जन्म
फिरोज खान का जन्म 25 सितंबर 1939 को बेंगलुरु में हुआ। उनका असली नाम जुल्फिकार अली शाह खान था, लेकिन फिल्मों में आने के बाद उन्होंने फिरोज खान नाम से पहचान बनाई।
फिल्मी करियर की शुरुआत
फिरोज खान ने 1959 में रिलीज हुई फिल्म 'दीदी' से अपने करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में उनके साथ सुनील दत्त, शुभा खोटे और ललिता पवार जैसे कलाकार थे। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया और हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई।
'कुर्बानी' से मिली पहचान
फिरोज खान की कुछ प्रमुख फिल्मों में 'धर्मात्मा', 'कुर्बानी', 'खोटे सिक्के', 'मेला', 'आरजू' और 'वेलकम' शामिल हैं। उनका स्टाइल और व्यक्तित्व उन्हें खास बनाता था।
सुंदरी खान से विवाह
फिल्मी करियर के आरंभिक दिनों में फिरोज खान की मुलाकात सुंदरी खान से हुई। दोनों ने करीब पांच साल तक एक-दूसरे को जानने के बाद 1965 में शादी की। इस रिश्ते से उनके बेटे फरदीन खान और बेटी लैला खान का जन्म हुआ। फरदीन ने भी बाद में बॉलीवुड में कदम रखा।



ज्योतिका के साथ संबंध
फिरोज खान की निजी जिंदगी में एयर होस्टेस ज्योतिका धनराजगीर के साथ उनका रिश्ता काफी चर्चित रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों की मुलाकात बेंगलुरु में हुई और धीरे-धीरे उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। इस रिश्ते के कारण फिरोज खान अपने परिवार से दूर रहने लगे थे।
शादी का अंत
कुछ समय बाद फिरोज खान और ज्योतिका का रिश्ता भी समाप्त हो गया। इसके बाद उन्होंने अपने परिवार के पास लौटने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनके वैवाहिक रिश्ते में काफी दूरी आ चुकी थी। अंततः, 1985 में फिरोज खान और सुंदरी खान का तलाक हो गया।
पाकिस्तान में विवाद
2006 में फिरोज खान अपने भाई अकबर खान की फिल्म 'ताज महल' के प्रमोशन के लिए पाकिस्तान गए थे। वहां उनके बयानों को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद पाकिस्तान में उनकी आलोचना हुई और उन्हें वहां जाने से रोक दिया गया।
अंतिम समय
फिरोज खान का निधन 27 अप्रैल 2009 को बेंगलुरु में हुआ, जब उनकी उम्र 69 वर्ष थी। आज भी उन्हें हिंदी सिनेमा में उनके अभिनय, स्टाइल और विभिन्न भूमिकाओं के लिए याद किया जाता है।
 


OTT