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प्रीति जिंटा ने शिक्षा सुधार के लिए सोनम वांगचुक का समर्थन किया, सरकार से बातचीत की अपील

बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। उन्होंने सरकार से बातचीत की अपील की है, ताकि वांगचुक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए समाधान निकाला जा सके। प्रीति ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंताओं को साझा करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के लिए यह लड़ाई महत्वपूर्ण है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
 

प्रीति जिंटा का सामाजिक मुद्दों पर सक्रियता


मुंबई, 21 जुलाई। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री प्रीति जिंटा न केवल फिल्मों में, बल्कि सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखने के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में, उन्होंने शिक्षा प्रणाली और पेपर लीक से संबंधित चल रहे आंदोलनों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।


प्रीति ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज उठाते हुए सरकार से बातचीत करने की अपील की। उन्होंने बताया कि सोनम की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही है, इसलिए किसी समाधान तक पहुंचने के लिए संवाद आवश्यक है।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में प्रीति ने सरकार से बातचीत शुरू करने की गुहार लगाई। उन्होंने लिखा, 'मुझे उम्मीद है कि सरकार सोनम वांगचुक और छात्र संगठनों के साथ बातचीत करेगी, ताकि उनकी तबीयत और ज्यादा खराब न हो।'


अपने संदेश में प्रीति ने सोनम से अपील की कि वे अपना अनशन समाप्त करें। उन्होंने कहा, 'सोनम, कृपया अपना अनशन खत्म करें। आपकी सेहत भी इस लड़ाई जितनी महत्वपूर्ण है।'


अभिनेत्री ने आगे लिखा, 'सोनम वांगचुक और छात्र भारत के भविष्य और युवाओं के लिए आवाज उठा रहे हैं। मैं हमारी शिक्षा प्रणाली को सुधारने की इस लड़ाई में उनका समर्थन करती हूं। आप सभी को और ताकत मिले।'


सोनम वांगचुक नीट पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अनशन कर रहे हैं। उनके आंदोलन के समर्थन में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली सहित कई बड़े शहरों में छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई है।


सोनम के अनशन के दौरान मामला तब और गरमाया जब दिल्ली पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से हटाया। रिपोर्टों के अनुसार, 18 जुलाई को पुलिस ने उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के कारण उन्हें अस्पताल पहुंचाया।


सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से शिक्षा प्रणाली में सुधार और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ अपनी मांगें रखी हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।


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